Purnea Weather Update: बिहार में मानसून ने बदला रास्ता, गर्मी और उमस से नहीं मिलेगी राहत
पूर्णिया में मानसून का रास्ता बदलने से मौसम के तेवर बदल गए हैं, जिससे गर्मी और उमस में बढ़ोतरी हुई है। मानसून ट्रफ लाइन मध्य भारत की ओर खिसकने से अगले ...और पढ़ें

हीटवेव। फाइल फोटो
HighLights
मानसून ट्रफ लाइन मध्य भारत की ओर खिसकी।
पूर्णिया में गर्मी और उमस में हुई बढ़ोतरी।
अगले कुछ दिनों तक राहत की उम्मीद कम।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। मानसून के रास्ता बदलते ही मौसम के तेवर बदल गये हैं। आसमान से बादल धीरे-धीरे छटने लगे हैं और तापमान में इजाफा शुरू हो गया है। पिछले दो दिनों से अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
रविवार को भी तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। दिन भर गर्मी के साथ उमस बना रहा जिससे लोग परेशान रहे। मौसम केंद्र के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री व न्यूनतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटे तक मौसम में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन दिन में धूप निकलने के बाद गर्मी और उमस का असर बना रहेगा। इस दौरान तापमान में भी इजाफा होने की उम्मीद है। लोगों को अभी गर्मी व उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।
मानसून का ट्रफ लाइन अब मध्य भारत की तरफ शिफ्ट हो गया है। जिस कारण पिछले दो-तीन दिनों में मौसम में बदलाव आया है। रविवार को दिन भर आसमान में बादलों का आना- जाना जारी रहा, लेकिन दिन में निकली तेज धूप के कारण से गर्मी व उमस का असर बना रहा। जिस कारण से तापमान में एक डिग्री का इजाफा देखने को मिला।
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मध्य भारत में गई ट्रफ लाइन
पूर्णिया मौसम केंद्र के वैज्ञानिक सहायक राकेश कुमार ने बताया कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में मानसून का ट्रफ लाइन बिहार की तरफ से पास कर रहा था। वहीं बंगाल की खाड़ी के पास भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर बना हुआ था। जिस कारण से इस क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी, लेकिन अब मानसून का ट्रफ लाइन मध्य भारत के नीचे चला गया है। इस कारण से दो- तीन दिनों से मौसम में बदलाव आया है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग तीन डिग्री से अधिक का इजाफा हुआ है। गर्मी के साथ-साथ उमस का भी असर बढ़ा है। बताया कि अगले दो-तीन दिनों तक मौसम के कमोबेश इसी तरह से बने रहने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि हालांकि अभी भी बंगाल की खाड़ी के पास साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर बना हुआ है। जिस कारण से छिट-पुट जगहों पर हल्की बारिश की ही उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने बताया कि अभी गर्मी -उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है।