बरात से लौट रहा था परिवार, रास्ते में इंतजार कर रही थी मौत: पूर्णिया में उठी पिता और 2 मासूम बेटों की अर्थी
पूर्णिया के धमदाहा में बरात से लौट रहे पिता और उनके दो मासूम बेटों की सड़क हादसे में मौत हो गई। तेज रफ्तार एर्टिगा कार ने उनके ऑटो को टक्कर मार दी, जि ...और पढ़ें

HighLights
धमदाहा में बारात से लौटते पिता-बेटों की मौत।
तेज रफ्तार एर्टिगा ने ऑटो को मारी टक्कर।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की दुखद मृत्यु।
संवाद सहयोगी, धमदाहा (पूर्णिया)। गुरुवार की रात कदम टोला, दमेली वार्ड संख्या-6 के एक परिवार के लिए ऐसी काली रात बन गई, जिसे शायद ही कोई कभी भूल पाए। सुबह जिस घर से पिता अपने दो मासूम बेटों के साथ रिश्तेदारी की शादी में शामिल होने खुशी-खुशी निकले थे, शुक्रवार को उसी घर से तीन अर्थियां एक साथ उठीं। यह मंजर देखकर पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
35 वर्षीय हप्पन मरांडी अपने आठ वर्षीय बेटे जीतराज मरांडी और छह वर्षीय प्रिंस कुमार मरांडी को लेकर अपने ऑटो से फलका थाना क्षेत्र के बेलगाछी गांव बारात में गए थे। शादी की खुशियां समेटकर रात करीब साढ़े आठ बजे तीनों घर लौट रहे थे। किसी को क्या पता था कि घर से कुछ ही दूरी पहले मौत उनका इंतजार कर रही है।
कुर्सेला-फारबिसगंज स्टेट हाईवे पर चंदवा मध्य विद्यालय के समीप तेज रफ्तार और अनियंत्रित एर्टिगा कार ने उनके ऑटो को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि ऑटो के परखच्चे उड़ गए। टक्कर के बाद ऑटो पास से गुजर रही एक कार से भी जा भिड़ा।
हादसा इतना भयावह था कि छह वर्षीय प्रिंस ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल हप्पन और जीतराज ने पूर्णिया जीएमसीएच ले जाने के दौरान रास्ते में अंतिम सांस ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद एर्टिगा कार लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही मीरगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
शुक्रवार को जब पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव गांव पहुंचे तो पूरे कदम टोला में चीख-पुकार मच गई। मां की आंखों के सामने पति और दोनों बेटों के शव पड़े थे। परिजनों का विलाप सुनकर गांव का शायद ही कोई व्यक्ति अपनी आंखों के आंसू रोक सका। एक ही परिवार से एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो पूरा गांव गम में डूब गया।
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बताया जाता है कि हप्पन मरांडी तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। मेहनत-मजदूरी और ऑटो चलाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। अब उनके जाने के साथ दो मासूम बेटों की भी जिंदगी हमेशा के लिए थम गई, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना की जानकारी मिलते ही दमेली पंचायत के मुखिया अमित चौधरी मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी और अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई।
यह हादसा केवल तीन लोगों की मौत नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों, उम्मीदों और खुशियों का अंत है। शादी की खुशियां मातम में बदल गईं और जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सिसकियां सुनाई दे रही हैं। पूरे इलाके में इस हृदयविदारक घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।