पूर्णिया में जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, बीच-बचाव करने गई पुलिस टीम पर भी ग्रामीणों ने किया हमला
पूर्णिया के धमदाहा थाना क्षेत्र के अंडी टोल गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हुई, जिसमें सात लोग घायल हो गए। ...और पढ़ें

घटनास्थल पर जाते पुलिस पदाधिकारी के साथ पुलिस जवान। (जागरण)
HighLights
पूर्णिया में भूमि विवाद को लेकर हिंसक झड़प।
झड़प में सात लोग घायल, दो को बनाया बंधक।
पुलिस टीम पर हमला, कई कर्मी घायल, वाहन क्षतिग्रस्त।
संवाद सहयोगी, पूर्णिया। धमदाहा थाना क्षेत्र के नगर पंचायत स्थित अंडी टोल गांव में शनिवार सुबह भूमि विवाद को लेकर आदिवासी समाज के ही दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई।
इसमें दोनों पक्षों के सात लोग जख्मी हो गए। एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष के दो लोगों को बंधक बना धारदार हथियार से हत्या की कोशिश की, सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर भी कुछ महिलाओं व असामाजिक तत्वों ने हमला बोल दिया।
कई पुलिसकर्मी चोटिल
इसमें थानाध्यक्ष समेत कुछ पुलिस कर्मी चोटिल हो गए। उपद्रवियों ने तीन पुलिस वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद धमदाहा एसडीपीओ की अगुवाई में कई थानों की पुलिस गांव में कैंप कर रही है।

क्षतिग्रस्त पुलिस वाहन।
एसपी स्वीटी सेहरावत भी गांव पहुंच स्थिति का जायजा लिया। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी शुरु कर दी गई है। सभी घायलों का उपचार राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल में चल रहा है।
प्रथम पक्ष के बाबूराम सोरेन (45 वर्ष ) और अशोक सोरेन (27 वर्ष ) गंभीर रूप से घायल हैं। वहीं द्वितीय पक्ष से तालामय देवी (55 वर्ष ), रूना देवी (55 वर्ष), मक्कू देवी (65 वर्ष), तालामय हेंब्रम (60 वर्ष) एवं अशोक हेंब्रम (30 वर्ष) घायल हुए हैं।
रास्ते में कर दिया हमला
प्रथम पक्ष के अशोक हेंब्रम ने बताया कि शनिवार को उनका पूर्णिया कोर्ट में तारीख था। गाड़ी किराए पर करने के लिए गए थे।
लौटने के दौरान रास्ते में बाबूराम सोरेन और अशोक सोरेन ने उन पर हमला कर दिया। बचाव करने पहुंची उनकी फुआ हौजी हेंब्रम के साथ भी मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ लोगों ने दोनों को पकड़कर बांध दिया।
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इसके बाद पहुंची पुलिस ने बिना पूछताछ किए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इधर दूसरे पक्ष के रंजन सोरेन की पत्नी पूजा मुर्मू ने बताया कि भूमि विवाद को लेकर पहले भी विवाद हुआ था।
शनिवार सुबह पुलिस पुराने मामले में गिरफ्तारी के लिए आई थी। पुलिस के जाने के बाद विनोद हेंब्रम, भगवान हेंब्रम एवं उनके परिवार के लोग घर पर धमक गए।
बंधक बनाकर हमला
आरोप है कि इसके बाद बाबूराम सोरेन और अशोक सोरेन को बंधक बनाकर धारदार हथियार से गर्दन पर हमला किया गया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
धमदाहा थानाध्यक्ष रविशंकर कुमार ने बताया कि डायल 112 पर सूचना मिली थी कि दो लोगों को बंधक बनाया गया है। सूचना मिलते ही तीन वाहनों से पुलिस बल मौके पर पहुंची थी।
पुलिस जब बंधकों को छुड़ाने का प्रयास कर रही थी, तभी हमलावरों ने दोनों की गर्दन पर वार कर दिया। इस दौरान पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया गया।
इस घटना में एसआई उमेश सिंह, एसआई अब्लेंदु झा, एक महिला सिपाही समेत अन्य पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। खुद थानाध्यक्ष भी घायल हुए हैं।
घटना के बाद मीरगंज, बीकोठी और भवानीपुर थाना से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। वहीं, पुलिस लाइन पूर्णिया से भी जवानों की तैनाती यहां की गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी अनुपम, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संदीप गोल्डी तथा बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम भी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे।
घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने खून के नमूने, उंगलियों के निशान और घटनास्थल पर मिले हथियारों की जांच कर साक्ष्य जुटाए।
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भू-विवाद में एक पक्ष के दो लोगों को बांधकर धारदार हथियार से उनका गला काटने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस टीम दोनों को मुक्त कराने की कोशिश में जुटी थी। इस दौरान कुछ महिलाओं व असामाजिक तत्वों ने टीम पर हमला कर दिया। इसमें कुुछ पुलिस कर्मी चोटिल हुए हैं। वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। इस झड़प में दोनों पक्षों के सात लोग जख्मी हुए हैं। उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम छापेमारी कर रही है।
स्वीटी सेहरावत, पुलिस अधीक्षक, पूर्णिया।