यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar: 'नीतीश कुमार का मानसिक संतुलन...', ये क्या बोल गईं RJD नेत्री रितु जायसवाल; लालू का भी लिया नाम
रुपौली उप चुनाव को लेकर बिहार में सियासत तेज है। राजद और जदयू के बीच तल्ख टिप्पणियों का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में राजद नेत्री रितु जायसवाल ने मुख्य ...और पढ़ें

HighLights
- रुपौली उप चुनाव को लेकर बिहार में सियासत गर्म है।
- राजद नेत्री रितु जायसवाल ने CM नीतीश पर बड़ा हमला बोला है।
- रितु जायसवाल ने कहा- CM नीतीश का मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। Rupauli By Election रुपौली विधानसभा उप चुनाव में चुनाव प्रचार के लिए पहुंची राजद महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष रितू जायसवाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राजद पर लगाए गए परिवारवाद के आरोप पर पलटवार किया है। रितु ने पूर्णिया में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब परिवारवाद की बातें करते हैं तो बड़ा हास्यास्पद लगता है।
उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री (Nitish Kumar) की याददाश्त कमजोर नहीं, जर्जर हो चुकी है या फिर उन्हें केवल विपक्षी दलों का परिवारवाद ही नजर आता है। उन्हें बताना चाहिए कि समस्तीपुर से उनके दल से निर्वाचित सांसद शाम्भवी चौधरी (Shambhavi Choudhary) किनकी बेटी हैं। क्या अशोक चौधरी की बेटी को टिकट देना परिवारवाद नहीं है।
'मुख्यमंत्री को यह भी याद नहीं होगा...'
रितु ने कहा कि नवादा के सांसद विवेक ठाकुर के संबंध में भी उन्हें बताना चाहिए। मुख्यमंत्री को यह भी याद नहीं होगा कि जमुई सांसद चिराग पासवान के बहनोई हैं और उन्हें यह भी याद नहीं होगा कि मधुबनी सांसद अशोक यादव पूर्व केंद्रीय मंत्री हुकुमदेव नारायण यादव के पुत्र हैं। इस तरह के उदाहरण पूरे देश मे भरे पड़े हैं।
'उनके चाटुकार जो लिखवाते हैं...'
उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लिखा हुआ भाषण पढ़ते हैं। उनके चाटुकार जो लिखवाते हैं वही वे बोलते हैं। उनकी मानसिक स्थिति का इस बात से भी पता चलता है कि वे बार-बार अधिक बच्चे पैदा करने की बात कर लालू प्रसाद पर निशाना साधते हैं।
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रितु जायसवाल ने कहा कि उन्हें शायद इस बात का मलाल है कि लालू यादव (Lalu Yadav) के सभी बच्चे लायक पैदा हुए, लेकिन उन्हें अपने एक बच्चे से भी निराशा ही मिली है। उन्हें इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहिए।