'Well Done प्रशांत किशोर'; रामविलास के साथ रहे पूर्व विधायक शंकर सिंह बोले- बांकीपुर की जीत बिहार में बदलाव का संकेत
Bankipur Win पूर्व विधायक शंकर सिंह ने बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत पर बधाई दी, इसे बिहार में बदलाव का संकेत बताया। उन्होंने प्रशांत किशोर ...और पढ़ें

प्रशांत किशोर की जीत पर बोले पूर्व विधायक शंकर सिंह; बांकीपुर का परिणाम बदलाव का संकेत, मिली बड़ी जिम्मेदारी
HighLights
पूर्व विधायक शंकर सिंह ने प्रशांत किशोर को बधाई दी।
इसे बिहार में बदलाव का स्पष्ट संदेश बताया।
बुनियादी समस्याओं के समाधान पर जोर देने का आग्रह।
संवाद सूत्र, रुपौली (पूर्णिया)। Bankipur Win बांकीपुर विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद जन सुराज पार्टी के सुप्रीमो प्रशांत किशोर की जीत पर रुपौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक शंकर सिंह ने उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दी हैं। शंकर सिंह ने अपने बयान में कहा कि यह जीत सिर्फ प्रशांत किशोर की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि बिहार में बदलाव चाहने वाली जनता का स्पष्ट संदेश है।
पूर्व विधायक ने कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि प्रशांत किशोर के नेतृत्व में क्षेत्र के समग्र विकास को एक नई दिशा मिलेगी और युवाओं, किसानों व आम जनता की ज्वलंत समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।" उन्होंने जोर देते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है।
उन्होंने प्रशांत किशोर से आग्रह किया कि क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याओं के साथ-साथ आम जनता की आवाज को प्राथमिकताओं में शामिल किया जाए, क्योंकि जनसेवा से बढ़कर कुछ नहीं है।
रामविलास पासवान से रहे प्रगाढ़ संबंध
पूर्व विधायक शंकर सिंह का देश के वरिष्ठ राजनेता स्व. रामविलास पासवान के साथ काफी प्रगाढ़ व आत्मीय संबंध रहा है। शंकर सिंह ने अपने राजनीतिक करियर में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा।
प्रचार करने आए थे पूर्व केंद्रीय मंत्री
विशेष बात यह रही कि दोनों ही चुनावों में लोजपा सुप्रीमो स्व. रामविलास पासवान खुद शंकर सिंह के लिए जनसभाएं करने और जनता से वोट मांगने रुपौली पहुंचे थे। रामविलास पासवान के साथ काम करने का उनका लंबा और समृद्ध राजनीतिक अनुभव रहा है।
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शंकर सिंह का चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड
रुपौली विधानसभा सीट से शंकर सिंह ने कुल 5 बार चुनाव लड़ा है (2 बार लोजपा के टिकट पर और 3 बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में)। इस दौरान वे 2 बार विधायक चुने गए:
2005 (लोजपा से जीत): पहली बार वर्ष 2005 में लोजपा के टिकट पर विधायक चुने गए और करीब 6 माह तक पद पर रहे।
- 2010 (लोजपा प्रत्याशी): रामविलास पसवान ने शंकर सिंंह को टिकट दिया, लेकिन वे पराजित हो गए।
निर्दलीय सफर: लोजपा के बाद उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत की।
2024 (निर्दलीय जीत): वर्ष 2024 में हुए उपचुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में शानदार जीत दर्ज की और 14 महीने तक रुपौली का प्रतिनिधित्व किया।
2025 का चुनाव: वर्ष 2025 के चुनाव में वे पुनः निर्दलीय मैदान में उतरे, हालांकि इसमें जदयू प्रत्याशी कलाधर मंडल ने जीत दर्ज की।
गृह क्षेत्र: पूर्णिया जिले के बड़हरा कोठी के मूल निवासी शंकर सिंह रुपौली विधानसभा की राजनीति में लगातार सक्रिय हैं।
पत्नी प्रतिमा भी राजनीति में सक्रिय
शंकर सिंह की पत्नी प्रतिमा कुमारी भी पूर्णिया की स्थानीय राजनीति में एक सशक्त पहचान रखती हैं:
जिला परिषद अध्यक्ष: प्रतिमा कुमारी पूर्णिया से दो बार जिला परिषद सदस्य का चुनाव जीत चुकी हैं और जिला परिषद अध्यक्ष के पद पर रह चुकी हैं। अभी वे जिला परिषद सदस्य हैं।
नगर निगम का अनुभव: इसके अलावा उन्हें पूर्णिया नगर निगम में वार्ड पार्षद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला है।