यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tanishq Showroom Robbery: तनिष्क शोरूम लूट मामले में नया खुलासा, अब तक 4 गिरफ्तार; दो माह पहले रची गई थी साजिश
Tanishq Showroom Robbery Case तनिष्क शोरूम लूट मामले में नया खुलासा हुआ है। जानकारी मिली है कि बेउर जेल में दो माह पूर्व ही लूट की साजिश रची गई थी। इस ...और पढ़ें

HighLights
- अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना सुबोध सिंह व बिट्टू सिंह ने पर्दे के पीछे से खेला पूरा खेल
- बदमाशों को संसाधन, रेकी और ठहरने में सहयोग करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार
- तनिष्क शोरूम लूट कांड में पुलिस कर रही ताबड़तोड़ एक्शन, नई बात आई सामने
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। गत 26 जुलाई को लाइन बाजार स्थित तनिष्क शोरूम में हुई तीन करोड़ 70 लाख रुपये के जेवरात की लूट का उद्भेदन पुलिस ने कर लिया है।
पुलिस व एसटीएफ ने उन चार बदमाशों को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने लुटेरों को स्थानीय स्तर पर ठहरने से लेकर अन्य सुविधाएं व रेकी में सहयोग किया था। बंगाल के मालदा जिले से घटना में इस्तेमाल की गई तीन बाइक भी पुलिस ने बरामद कर ली है।
इस लूट की साजिश दो माह पूर्व ही पटना के बेउर जेल में रची गई थी। यह साजिश पहले बैंक व अब ज्वेलरी की लूट के अंतरराज्यीय सरगना सुबोध सिंह, पूर्णिया के कुख्यात बिट्टू सिंह व सुबोध सिंह के सहयोगी प्रिंस राज ने बेउर जेल में रची थी।
बिट्टू ने अपने गिरोह के जरिये किया था सहयोग
स्थानीय स्तर पर घटना को अंजाम देने में बिट्टू ने अपने गिरोह के जरिये बाहर से आए बदमाशों को पूर्ण सहयोग दिया था। एसपी उपेंद्र नाथ वर्मा ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि लूटकांड की पूरी तस्वीर साफ हो चुकी है। पुलिस व एसटीएफ की दस टीमें इसमें जुटी हुई हैं।
वारदात को अंजाम देने में संलिप्त सात बदमाशों की गिरफ्तारी व लूटे गए जेवरात की बरामदगी के मिशन में पुलिस व एसटीएफ की अलग-अलग टीमें अब बंगाल और बिहार के कई जिलों में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि सुबोध सिंह कई राज्यों में ज्वेलरी की बड़ी लूट को अंजाम दे चुका है।
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नालंदा निवासी सुबोध सिंह को लूट के ही एक मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने रिमांड पर लिया है। बिट्टू सिंह भागलपुर सेंट्रल जेल में बंद है। तीसरा वैशाली निवासी प्रिंस राज अभी बेउर जेल में ही है। दो माह पूर्व तीनों बेउर जेल में ही थे और वहीं इस लूट की पटकथा लिखी गई थी।