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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pilot Baba: महायोगी पायलट बाबा का मुंबई में निधन, भारत-पाक युद्ध में निभाई थी अहम भूमिका; बिहार के निवासी थे

    Updated: Tue, 20 Aug 2024 07:58 PM (IST)

    पायलट बाबा रोहतास जिला के नोखा प्रखंड के विशुनपुरा के मूल निवासी थे। वर्ष 1957 में पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में वे शामिल हुए थे। पायलट बाबा न ...और पढ़ें

    महायोगी पायलट बाबा का मुंबई में निधन (फाइल फोटो)
    महायोगी पायलट बाबा का मुंबई में निधन (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. पायलट बाबा रोहतास जिला के नोखा प्रखंड के विशुनपुरा के मूल निवासी थे।
    2. वायु सेना में काम करने के दौरान एक घटना ने कपिल सिंह को पायलट बाबा बना दिया।
    3. हरिद्वार, नैनीताल व उत्तर काशी में भी उनके आश्रम हैं।

    जागरण संवाददाता, सासाराम। महायोगी पायलट बाबा उर्फ कपिल अद्वैत का 86 वर्ष की अवस्था में मंगलवार को मुबंई के कोकिला बेन धीरु भाई अंबानी अस्पताल में निधन हो गया। वे पिछले कई माह से बीमार चल रहे थे। निधन की खबर मिलते ही सासाराम सहित पूरे जिले में उनके भक्तों के बीच शोक की लहर दौड़ पड़ी। पायलाट बाबा आश्रम के शिष्य व कार्यकर्ता शोकाकुल हो गए।

    सासाराम शहर में उनके द्वारा एक भव्य आश्रम बनाया गया है। इस आश्रम परिसर में बने सोमनाथ महादेव का भव्य मंदिर का लोकार्पण नवंबर 2022 में हुआ था। इस अवसर पर देश के कई पीठों के पीठाधीश्वेर, आचार्य रामदेव समेत कई केंद्रीय मंत्री उपस्थित हुए थे। इस परिसर में भगवान बुद्ध व शिव की 80 फीट ऊंची प्रतिमा भी स्थापित है।

    पायलट बाबा रोहतास जिला के नोखा प्रखंड के विशुनपुरा के मूल निवासी थे। वर्ष 1957 में पायलट के रूप में भारतीय वायु सेना में वे शामिल हुए थे। पायलट बाबा ने 1962 में भारत-चीन युद्ध में भाग लिया था। इसके अलावा 1965 व 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भी लड़ाई लड़ी थी। भारतीय वायु सेना में अपनी सेवा के दौरान उन्हें कई पदक से सम्मानित किया गया था।

    पायलट से बने थे बाबा

    वायु सेना में काम करने के दौरान एक घटना ने कपिल सिंह को पायलट बाबा बना दिया। वे मिग विमान उड़ा रहे थे इस दौरान उनका विमान नियंत्रण खो बैठा। जीवित रहने की सारी उम्मीद खोने बे बाद वे अपने गुरु हरि बाबा को याद करना शुरू किया। इसके बाद विमान सुरक्षित रूप से उतर गया। तभी से आध्यात्म की तरफ मुड़ साधना के बाद पायलट बाबा बन गए। हरिद्वार, नैनीताल व उत्तर काशी में भी उनके आश्रम हैं।

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    पायलट बाबा धाम पर शोकसभा

    महायोगी पायलट बाबा धाम सोमनाथ महादेव मंदिर सासाराम में मंगलवार की शाम उनके निधन पर शोक सभा हुई। बाबा के कैलाश गमन को श्रद्धालुओं ने अपूरणीय क्षति बताते हुए दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

    शोकसभा में पूर्व एमएलसी कृष्ण कुमार सिंह, अतेंद्र कुमार सिंह, बिजेंद्र सिंह, रमेश सिंह, अरविंद कुमार सिंह, प्रमिला सिंह, मनीष सिंह बबलु, सिद्धेश्वर सिंह, राजीव रंजन सिंह, मोनिका सिंह, डिप्टी सिंह, नंदू सिंह, पूर्व उप मुख्य पार्षद चंद्रशेखर सिंह समेत कई अन्य शामिल थे।

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