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    बिहार में EO विमल कुमार हत्याकांड की जांच तेज, SIT ने डेहरी नगर परिषद के कर्मचारियों से की पूछताछ 

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 05:00 PM (GMT+05:30)

    एसआईटी ने डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार हत्याकांड की जांच तेज कर दी है। टीम ने बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों से पूछ ...और पढ़ें

    कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार। फाइल फोटो

     कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार। फाइल फोटो

    संवाद सहयोगी, डेहरी आन सोन (रोहतास)। डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड की जांच तेज हो गई है। बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में एसआईटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) ने कर्मियों से पूछताछ की है। औरंगाबाद से आई एसआईटी टीम के साथ बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार नगर परिषद पहुंचकर कई कर्मियों से एक एक कर पूछताछ करते रहे।

    जांच एजेंसियों ने घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त की। नगर परिषद के कर्मियों के अनुसार टीम में शामिल पुलिस अधिकारियों द्वारा जांच के लिए जिन कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है, वे क्रमवार अधिकारियों के समक्ष जाकर अपना बयान दे रहे हैं।

    कर्मचारियों ने कहा कि यह घटना अत्यंत चिंताजनक और दुखद है। हालांकि उनकी ओर से कोई हड़ताल नहीं की गई है। कार्यपालक पदाधिकारी के नहीं रहने और जांच प्रक्रिया चलने के कारण नियमित प्रशासनिक कार्य प्रभावित है।

    अधिकारियों की सुरक्षा सख्त

    डेहरी डालमियानगर नगर परिषद के ईओ की हत्या के बाद जिले के सभी नगर निकायों में अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सक्रिय हो गया है। गृह रक्षा वाहिनी के वरीय जिला समादेष्टा अनिल कुमार वर्मा ने बताया कि डेहरी नगर परिषद में पहले से सुरक्षा गार्ड उपलब्ध हैं।

    सासाराम नगर निगम में भी सुरक्षा गार्ड तैनात हैं तथा अतिरिक्त 10 सुरक्षा गार्डों की स्वीकृति के लिए जिला पदाधिकारी को प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही उनकी तैनाती कर दी जाएगी। रोहतास नगर पंचायत सहित अन्य नगर निकायों में भी आवश्यकता के अनुसार सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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    जिन स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कम थी, वहां दूसरे स्थानों से गार्डों की तैनाती की गई है। कैमूर जिले में भी सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।

    बताया कि आपात स्थिति को देखते हुए सुरक्षा गार्डों को हथियार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए आवश्यक शस्त्र लाइसेंस जारी कराने की कार्रवाई तेजी से की जा रही है, ताकि नगर निकायों के अधिकारियों की सुरक्षा और अधिक प्रभावी बनाई जा सके।

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