रोहतास के दिनारा में 22 प्राथमिक विद्यालयों को मिले नए प्रधान शिक्षक, 17 महिलाएं संभालेंगी कमान
बिहार लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया के बाद दिनारा प्रखंड के 22 प्राथमिक विद्यालयों में नए प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। इनमें 17 महिला और 5 पुरुष श ...और पढ़ें

रोहतास के दिनारा में 22 प्राथमिक विद्यालयों को मिले नए प्रधान शिक्षक (AI Generated Image)

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संवाद सूत्र, दिनारा (रोहतास)। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए प्रखंड क्षेत्र के 22 प्राथमिक विद्यालयों में नए प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति कर दी गई है। बिहार लोक सेवा आयोग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग ने इसकी आधिकारिक सूची जारी कर दी गई है।
इस सूची में 17 महिला एवं 5 पुरुष शिक्षकों को प्रधान शिक्षक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे ग्रामीण शिक्षा में नई ऊर्जा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मधुरेंद्र कुमार ने बताया कि प्रधान शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर होगी तथा शिक्षण गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। सभी नवनियुक्त प्रधान शिक्षकों को समय सीमा के अंदर संबंधित विद्यालयों में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।
जारी सूची में प्रावि लहेरी में राज कुमार, बिसीखूर्द में संजीदा बानो, ईश्वरपुरा में रीता कुमारी, पुहपी में जेबा परवीन, खैरहीं खूर्द प्राथमिक विद्यालय में सुनीता कुमारी, मैरा प्रावि में संगीता कुमारी, बसुहारी प्रावि में रजनी कुमारी, गंगाढ़ी में नवीन कुमार पांडेय, भटपुरवा प्रावि में जैनब प्रवीन को जिम्मेदारी दी गई है।
इनके अलावा, प्राथमिक विद्यालय रनी में नीलिमा कुमारी, मिश्रवलिया में शुभम कुमारी, धरहरा में सिंह शशि किरण, सेमरीडिह प्राथमिक विद्यालय में प्रेमलता सिंह, पीपरा में रिजवाना बानो, डिहरी प्राथमिक विद्यालय में संतोष कुमार, जमोड़ी प्रावि में कंचन पांडेय को जिम्मेदारी दी गई है।
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वहीं, नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर में रेनू कुमारी, नवसृजित प्राथमिक दलीपपुर कमल पासवान, नवसृजित प्राथमिक शंभुडिहरी में प्रवीण कुमार शर्मा, योगेया में सुनैना कुमारी तथा नवसृजित प्राथमिक रेही में रीता कुमारी को जिम्मेदारी दी गई है।
सभी प्रधान शिक्षकों को निर्धारित समय सीमा के अंदर योगदान देने का निर्देश दिया गया है। इन शिक्षकों से बेहतर शैक्षणिक वातावरण बना वहां छात्रों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष बल देने के लिए कहा गया है।