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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rohtas: सीमेंट फैक्ट्री के कचरा प्रबंधन यूनिट में लगी आग, सुपरवाइजर की मौत; दो मजदूर झुलसे

    By Mukesh Kumar PandeyEdited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 01 Sep 2023 11:26 PM (GMT+05:30)

    डालमिया भारत सीमेंट फैक्ट्री के कचरा प्रबंधन यूनिट में शुक्रवार की शाम आग लगने से एक सुपरवाइजर की मौत हो गई जबकि दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए। मृतक सुपरव ...और पढ़ें

    नारायण मेडिकल कॉलेज में रोते बिलखते स्वजन
    नारायण मेडिकल कॉलेज में रोते बिलखते स्वजन

    HighLights

    1. घायलों को इलाज के लिए एनएमसीएच जमुहार ले जाया गया
    2. सुपरवाइजर व मजदूर दिहाड़ी पर ठेकेदार के माध्यम से कर रहे थे कार्य

    संवाद सूत्र, रोहतास: डालमिया भारत सीमेंट फैक्ट्री के कचरा प्रबंधन यूनिट में शुक्रवार की शाम आग लगने से एक सुपरवाइजर की मौत हो गई, जबकि दो मजदूर बुरी तरह झुलस गए।

    मृतक सुपरवाइजर संजीव कुमार सिंह 35 वर्ष औरंगाबाद जिला के बागी सतार गांव के निवासी बताए जाते हैं। वहीं, घायल मजदूर अशोक पासवान बाजितपुर और घुरन साह बकनौरा के भुअरा टोला के निवासी है।

    घायलों को इलाज के लिए एनएमसीएच जमुहार ले जाया गया है। सुपरवाइजर व मजदूर यहां दिहाड़ी पर ठेकेदार के माध्यम से यहां कार्य कर रहे थे।

    दाे मजदूरों व सुपरवाइजर को भेजा गया था साथ 

    घटना के बारे में मजदूरों ने बताया कि जहां कचरा जलाया जाता है, वहां पर कार्य करने के लिए आज शाम ठेकेदार द्वारा सुपरवाइजर संजीव कुमार, मजदूर अशोक पासवान तथा घूरन साह को भेजा गया था। काम करने के क्रम में कचरे के ढेर में लगी आग में वह झुलस गया।

    आनन-फानन में तीनों को कंपनी प्रबंधन द्वारा अपने अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराकर बेहतर इलाज के लिए नारायण मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल जमुहार भेजा गया।

    अस्‍पताल ले जाने के दौरान हुई मौत

    सूचना मिली कि सुपरवाइजर की मौत इलाज के लिए ले जाने के क्रम में रास्ते में ही हो गई है, जबकि दोनों घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है, जिनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

    बीडीओ बबलू कुमार ने कहा कि सभी घायलों का इलाज कराया जा रहा है। मजदूर नेता शंकर सिंह का कहना है कि कंपनी के द्वारा उन लोगों को जबरन चिमनी की पाइप के पास (कीलन) में काम करने के लिए भेजा गया।

    चिमनी का पाइप हो गया था जाम 

    चिमनी का पाइप आग से जाम हो गया था, जिसकी लंबी लोहे की रॉड से सफाई की जानी थी। दूसरे साईड के उक्‍त तीनों लोगों को प्रबंधन ने साफ करने के लिए भेज दिया, जिससे तीनों गंभीर रूप से आग से झुलस घायल हो गए।

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    थानाध्यक्ष कुमार धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि इस संबंध में स्वजनों के द्वारा अभी तक किसी तरह का आवेदन नहीं दिया गया है। मजदूर नेता रिंकू सिंह का कहना है कि कंपनी में मजदूरों पर शोषण कर कार्य कराया जा रहा है, इस घटना की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए एवं दोषी प्रबंधक पर उच्च स्तरीय करवाई की जानी चाहिए। कंपनी प्रबंधन ने किसी तरह की लापरवाही पूर्ण कार्य कराने से इंकार किया है।