रोहतास: कल्लू खान हत्याकांड की गवाह रानी खातून की गला दबाकर हत्या, नहर से शव बरामद
कल्लू खान हत्याकांड की चश्मदीद गवाह रानी खातून की गला दबाकर हत्या कर दी गई है, उनका शव औरंगाबाद नहर से बरामद हुआ। ...और पढ़ें

कल्लू खान हत्याकांड की गवाह रानी खातून की गला दबाकर हत्या, नहर से शव बरामद
HighLights
कल्लू खान हत्याकांड की गवाह रानी खातून की हत्या।
औरंगाबाद नहर से बरामद हुआ गला दबाया शव।
परिजनों ने मुख्य आरोपी पर लगाया हत्या का आरोप।
जागरण टीम, सासाराम/डेहरी आनसोन (रोहतास)। पांच वर्ष पूर्व हुए चर्चित फिरोज खान उर्फ कल्लू खान हत्याकांड की चश्मदीद गवाह रानी खातून (35 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। मृतका का शव औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र अंतर्गत टेंगरा मोड़ के पास स्थित पूर्वी संयोजक नहर से बरामद हुआ है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और पंचनामे के अनुसार, अपराधियों ने प्लास्टिक की रस्सी से गला दबाकर इस वारदात को अंजाम दिया है।
जानकारी के अनुसार, मृतका रानी खातून बीते 27 जून से संदिग्ध रूप से लापता थीं। काफी खोजबीन के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो स्वजनों ने डालमियानगर थाने में उनके अपहरण की प्राथमिकी कराई थी। इत्तेफाक से उसी दिन बारुण थाना पुलिस ने नहर से एक अज्ञात महिला का शव बरामद किया था।
शव की शिनाख्त न होने के कारण उसे औरंगाबाद सदर अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया था। बाद में डालमियानगर पुलिस के सहयोग से पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और हुलिए के आधार पर शव की पहचान रानी खातून के रूप में की, जिसके बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
सात जुलाई को सासाराम कोर्ट में होनी थी गवाही:
मृतका मूल रूप से शिवसागर थाना क्षेत्र के कोनार कैथी गांव की रहने वाली थीं। 2021 में उनके पति फिरोज खान उर्फ कल्लू खान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी।
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पति की मौत के बाद वह अपने पांच अनाथ बच्चों के साथ मायके डालमियानगर थाना क्षेत्र के मकराईन मोहल्ले में रह रही थीं। रानी खातून अपने पति के मर्डर केस की प्रत्यक्षदर्शी गवाह थीं और आगामी सात जुलाई को सासाराम जिला न्यायालय में उनकी गवाही होनी तय थी।
जेल से छूटे मुख्य आरोपित पर हत्या का आरोप:
मृतका के स्वजनों ने इस हत्याकांड के पीछे सीधे तौर पर पुराने केस के मुख्य आरोपित इजहार खान और उसके करीबियों का हाथ होने का आरोप लगाया है। इजहार खान पर 2021 में कल्लू खान की हत्या का मुख्य आरोप है और वह करीब छह महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आया है।
स्वजनों का दावा है कि घटना के दिन इजहार खान के दामाद प्रिंस खान ने सोची-समझी साजिश के तहत रानी खातून को किसी बहाने से डेहरी बाजार बुलाया था, जिसके बाद से ही वह लापता हो गईं और फिर उनकी लाश मिली।
कोर्ट में होने वाली गवाही को रोकने और केस को कमजोर करने के लिए ही रानी की हत्या कराई गई है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों थानों की पुलिस आपसी तालमेल के साथ मामले के सभी तकनीकी और वैज्ञानिक पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
बताया जाता है कि पति की हत्या से पहले रानी खातून शिवसागर प्रखंड की कोनार पंचायत से पंचायत चुनाव भी लड़ चुकी थीं। वह अपने पीछे पांच बच्चों तीन भाइयों और दो बहनों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं।
थानाध्यक्ष राजीव रंजन राय के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है। जल्द ही आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी।