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    150 रक्तवीरों का सम्मान, 200 यूनिट तक रक्तदान करने वाले भी पहुंचे; GNSU में संपन्न हुआ रक्तदाता महाकुंभ

    Updated: Sun, 05 Jul 2026 05:26 PM (IST)

    गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में दो दिवसीय रक्तदाता महाकुंभ संपन्न हुआ, जिसमें 150 रक्तदाताओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान 30 से अधिक रक्तवीरों न ...और पढ़ें

    रक्‍तवीरों को क‍िया गया सम्‍मान‍ित।

    रक्‍तवीरों को क‍िया गया सम्‍मान‍ित।

    HighLights

    1. गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में दो दिवसीय रक्तदाता महाकुंभ संपन्न।

    2. 150 रक्तदाताओं को उनकी मानवीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

    3. 200 यूनिट से अधिक रक्तदान, युवाओं को प्रेरणा का संदेश।

    पंचायत सूत्र, जमुहार (डेहरी)। गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय रक्तदाता महाकुंभ का रविवार को समापन हो गया। समारोह में देश-विदेश से आए लगभग 150 रक्तदाताओं को उनकी अनुकरणीय मानवीय सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर 30 से अधिक रक्तवीरों ने नारायण मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान कर मिसाल पेश की।

    200 यूनिट से भी अधिक क‍िया रक्‍तदान 

    इस महाकुंभ में देश के कोने-कोने से ऐसे जांबाज रक्तवीर पहुंचे थे, जो अब तक व्यक्तिगत रूप से 100 से लेकर 200 यूनिट से भी अधिक बार रक्तदान कर चुके हैं।

    इनके अलावा दर्जनों ऐसे लोग भी शामिल हुए जिन्होंने 50 या उससे अधिक बार रक्तदान किया है। कार्यक्रम में रक्तदान व देहदान के लिए जागरूकता अभियान चलाने वाले, तथा असहायों को स्वास्थ्य, शिक्षा, भोजन और वस्त्र आदि उपलब्ध कराने वाले देश भर के महिला व पुरुष समाजसेवियों ने हिस्सा लेकर इस आयोजन को सफल बनाया।

    पटना से आए अपराध अनुसंधान विभाग के निदेशक विपिन कुमार चौधरी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे स्वयं अब तक 50 बार रक्तदान कर चुके हैं।

    उनकी पत्नी व बेटी भी नियमित रूप से रक्तदान करती हैं। बेटा अभी छोटा है, लेकिन 18 वर्ष का होते ही वह भी इस मुहिम से जुड़ेगा।

    युवाओं के बीच चले सकारात्‍मक अभ‍ियान 

    देश के कोने-कोने से आए इन रक्तवीरों को देखकर यह विश्वास जगता है कि यदि युवाओं के बीच ऐसा सकारात्मक अभियान चलाया जाए, तो देश में कभी भी रक्त के अभाव में किसी की जान नहीं जाएगी।

    रक्तदान से घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि इससे शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और हृदय रोग का खतरा भी काफी हद तक टल जाता है।

    काशी हिंदू विश्वविद्यालय रक्त केंद्र प्रभारी डा. आशुतोष कुमार सिंह व जीएनएसयू के जन संपर्क पदाधिकारी भूपेंद्र सिंह ने प्रतीक चिह्न एवं प्रमाण पत्र देकर सभी रक्तदाताओं को सम्मानित किया। धन्यवाद ज्ञापन बामेंद्र कुमार सिंह ने किया।