रोहतास में नाबालिग बेटियों का सौदा, शादी का लालच देकर लड़कियों को दूसरे राज्यों में बेच रहे तस्कर
रोहतास के सुदूर गांवों में नाबालिग लड़कियों को अमीर घरों में शादी का झांसा देकर मानव तस्करों द्वारा दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है। ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर (AI Generated Image)

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प्रेम कुमार पाठक, डेहरी आन सोन (रोहतास)। जिले के सुदूर गांवों में जहां शिक्षा का अभाव और गरीबी चरम पर है। वैसे क्षेत्र में बेटियों के तस्कर काफी सक्रिय है। ये तस्कर छुटभइये नेता के साथ-साथ महिलाओं के बीच तक अपना पैठ बनाए हुए है।
इसके जरिए गरीब और असहाय परिवार के नाबालिक बेटियो को अमीर घरों में विवाह का प्रलोभन दे उन्हे राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली तक शादी के नाम पर ले जाते है और उन्हे दो से तीन लाख रुपए में अधेड़ उम्र के लोगो के साथ बेच देते है। बेटी को शादी का कोरम पूरा कर अधेड़ उम्र के अन्य प्रांतों से आए लोग अपने साथ लेकर चले जाते है और फिर बेटियां कभी लौट कर नहीं आती।
कई प्रताड़ना से तंग आकर किसी प्रकार जान बचा भाग कर आई। उनके प्रताड़ना की कथा सुन रोंगटे खड़े हो जाते है। इस बेटियो की तस्करी में शहर से लेकर ग्रामीण सुदूर क्षेत्रों तक तस्करों का गिरोह सक्रिय है।
इसमें सुदूर गावो में गांव के ही महिला और रिश्तेदार घरों को चिन्हित कर उनकी गरीबी और आवश्यकता को चिन्हित कर उक्त परिवार को पैसे का लालच देकर बेटियो की शादी करा देते है।
इस प्रकार के मामले बंजारी, ढेलाबाद, चुनहट्टा, केसीक्स, चुटिया, मनेरी बिगहा, नासरीगंज समेत कई गावो में मामले उजागर हुए है। पांच वर्ष पूर्व में श्रम अधीक्षक सत्य प्रकाश ने गुप्त सूचना पर राजस्थान ले जा रहे लड़कियों और इनोवा गाड़ी को पकड़ा था। इस प्रकार के मामले बंजारी, सम्हुता, माधा समेत कई सुदूर गावो में भी है।
एसडीपीओ अतुलेश झा के नेतृत्व में दो दिन पूर्व भी तीन महिलाओं को मानव तस्करी मामले डालमियानगर थाना क्षेत्र और तिलौथू थाना क्षेत्र से पकड़ कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
केस स्टडी- 1
चुनहटा गांव की एक किशोरी की विवाह मध्य प्रदेश के एक 45 वर्षीय युवक के साथ करा दी गई है। विवाह के तीन वर्ष बीतने के बाद अबतक उसका पता नहीं है कि कहा है। घर वाले विवाह कराने वाले रिश्ते में दूर के चाची को बार बार कह रहे है कि बेटी से मुलाकात करा दीजिए। लेकिन चाची द्वारा बात इधर उधर की कर फोन नंबर बदलने की बात कहकर मामले को समाप्त कर दिया जाता है।
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उक्त चाची से जब गांव वाले पुछ ताछ करने लगे तो मामला अपने निकटवर्ती डेहरी के एक छूट भैया नेता के दुलहा से नजदीकी होने की बात कह कर मामले को दूसरे पर फेंक दिया गया।ग्रामीणों की माने तो इस प्रकार के विवाह में तीन से चार लाख रुपए खरीददार से लिया जाता है।और कुछ घर वालो को विवाह की व्यवस्था के नाम पर और शेष राशि खुद में बांट लेते है।
केस स्टडी- 2
बंजारी गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी भौजाई ने ही एक लाख रुपए लेकर उत्तर प्रदेश के एक अधेड़ के साथ गत वर्ष तय कर दी। माध्यम भौजाई के मैके की एक कथित महिला नेत्री बनी थी। भाई अर्ध विक्षिप्त है। इसी बीच परिवर्तन विकास नमक संस्था को मामले की जानकारी हुई।
संस्था द्वारा रोहतास थाने को मामले से अवगत कराई गई। पुलिस के पहल पर शादी रोका जा सका।और एक नाबालिक का जीवन बर्बाद होने से बचा किंतु पुलिस तस्कर गिरोह के सक्रिय सदस्यों तक पहुंचने का प्रयास नही किया। मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
केस स्टडी- 3
शिवपुर कालोनी के दलित बस्ती कालोनी के निकट दलित बस्ती के एक युवती का विवाह मध्यप्रदेश में तीन वर्ष पूर्व अधेड़ से किया गया था। युवती किसी प्रकार वहां से भागी। अपने प्रताड़ना की कथा जब कहती है।तो रोंगटे खड़े हो जाते है। अब मैके में ही मजदूरी कर जीवन यापन करती है।