शिक्षक के बेटे ने बढ़ाया रोहतास जिले का गौरव; भारतीय नौसेना में अधिकारी बने शुभम पांडेय
दिनारा के कोनी गांव के शिक्षक अशोक कुमार पांडेय के बेटे शुभम कुमार पांडेय भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बने हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे रोहतास जिले ...और पढ़ें

शुभम के साथ उनके माता-पिता। सौ-स्वजन
HighLights
शुभम पांडेय भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बने।
सैनिक स्कूल गोपालगंज से पढ़ाई कर NDA उत्तीर्ण किया।
उनकी सफलता रोहतास के युवाओं के लिए प्रेरणा है।
संवाद सूत्र, दिनारा (रोहतास)। प्रखंड के कोनी गांव के शिक्षक अशोक कुमार पांडेय के छोटे पुत्र शुभम कुमार पांडेय के भारतीय नौसेना में सब लेफ्टिनेंट बनने से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है।
शुभम की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों, परिजनों और शुभचिंतकों ने खुशी जताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी हैं। शुभम शिक्षक अशोक कुमार पांडेय एवं गृहिणी सुनीता देवी के छोटे पुत्र हैं।
उनके बड़े भाई अमरीश कुमार कंप्यूटर इंजीनियर हैं। बचपन से ही देशभक्ति और अनुशासन से प्रेरित शुभम का सपना सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा करना था।
सैनिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई
कठिन परिश्रम, लगन और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने अपना यह सपना साकार कर दिखाया। शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद छठी कक्षा से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सैनिक स्कूल गोपालगंज से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने पहले ही प्रयास में एनडीए परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। एनडीए में चयन के बाद महाराष्ट्र के खड़गवासला स्थित प्रशिक्षण अकादमी में तीन वर्षों का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
इसके उपरांत केरल के इझिमाला स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में एक वर्ष का विशेष प्रशिक्षण पूरा किया। हाल ही में आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड में जब शुभम को सब लेफ्टिनेंट का बैच प्रदान किया गया तो वहां मौजूद उनके माता-पिता की आंखें गर्व से चमक उठीं।
बचपन से ही थी सैनिक बनने की इच्छा
इस अवसर पर माता-पिता ने बेटे के कंधों पर सुनहरी पट्टी लगाकर उसे आशीर्वाद दिया। समारोह के दौरान परिवार के सदस्यों ने शुभम की उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए उसका उत्साहवर्धन किया।
अपनी सफलता पर शुभम ने इसका श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि बचपन से ही देश सेवा का जज्बा था और सेना में अधिकारी बनना उनका लक्ष्य था।
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि धैर्य, लगन और कड़ी मेहनत के बल पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
शुभम की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। लोगों का कहना है कि उनकी सफलता क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
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