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    तमिलनाडु के नमक्कल DM को 15 दिन में जवाब दें, वरना होगी कार्रवाई; सासाराम कोर्ट की सख्त चेतावनी

    By barjesh pathakEdited By: Radha Krishna
    Updated: Sat, 18 Apr 2026 05:53 PM (IST)

    सासाराम कोर्ट ने नमक्कल डीएम को 12 लाख रुपये की वसूली मामले में उदासीनता बरतने पर कड़ी चेतावनी दी है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट ने ड ...और पढ़ें

    सासाराम कोर्ट की सख्त चेतावनी

    सासाराम कोर्ट की सख्त चेतावनी

    जागरण संवाददाता, सासाराम(रोहतास)। रोहतास के सासाराम स्थित अदालत ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ की कोर्ट ने नाराजगी जताई। तमिलनाडु के नमक्कल डीएम के रवैये को गंभीर बताया गया। कोर्ट ने इसे उदासीनता और लापरवाही माना है।

    साथ ही आदेश की अवहेलना का आरोप भी लगाया। मामले को अब गंभीर स्तर पर लिया जा रहा है।

    15 दिन में जवाब नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

    अदालत ने डीएम नमक्कल को कारण बताओ नोटिस दिया है। उन्हें 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश मिला है।

    जवाब नहीं देने पर अवमानना की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हाई कोर्ट में कार्रवाई की सिफारिश हो सकती है।

    कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आदेश की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। इससे प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

    12 लाख की वसूली से जुड़ा है पूरा मामला

    यह मामला एक निष्पादन वाद से संबंधित है। केस यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी बनाम अम्मन अरुल एजेंसीज है।

    कोर्ट ने 12 लाख 22,794 रुपये की वसूली का आदेश दिया था। यह रकम एक ट्रक से जुड़े मामले में तय हुई थी।

    मोटर वाहन अधिनियम की धारा 174 के तहत आदेश हुआ था। वसूली की जिम्मेदारी प्रशासन को दी गई थी।

    बार-बार पत्र भेजे गए, फिर भी नहीं मिला जवाब

    डीएम रोहतास ने नमक्कल डीएम को पत्र भेजा था। सात जुलाई 2025 को पहला पत्र लिखा गया।

    इसके बाद 26 नवंबर 2025 को रिमाइंडर भी भेजा गया। इसके बावजूद कोई जवाब नहीं मिला।

    कोर्ट ने इसे गंभीर लापरवाही माना है। प्रशासनिक संवाद की कमी उजागर हुई है।

    नोटिस पहुंचा, फिर भी चुप रहा नमक्कल प्रशासन

    कोर्ट ने 25 फरवरी 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस तीन मार्च 2026 को नमक्कल पहुंच गया।

    एक महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी जवाब नहीं आया। इस पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है।

    अदालत ने इसे जानबूझकर की गई अनदेखी माना। अब मामला और गंभीर हो गया है।

    अगली सुनवाई 24 अप्रैल को, बढ़ी नजरें

    कोर्ट ने आदेश की प्रति स्पीड पोस्ट से भेजने को कहा है। साथ ही नजारत शाखा को भी निर्देश दिए गए हैं।

    अब अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। इस तारीख पर कोर्ट जवाब का इंतजार करेगा।

    यदि जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई तय मानी जा रही है। पूरे मामले पर अब सबकी नजरें टिकी हैं।