Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    150 साल पुरानी नहरों की बदलेगी किस्मत; शाहाबाद में शुरू होगा 12,500 करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 07:00 AM (IST)

    शाहाबाद की 150 साल पुरानी सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 12,500 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है, जिसमें 2,060 किमी नहरों का पक्कीकरण होगा। ...और पढ़ें

    सोन नहर कैनाल की बदलेगी तस्‍वीर। जागरण

    सोन नहर कैनाल की बदलेगी तस्‍वीर। जागरण

    HighLights

    1. 150 साल पुरानी शाहाबाद सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण।

    2. 2,060 किमी नहरों के पक्कीकरण पर 12,500 करोड़ खर्च।

    3. पानी का रिसाव रुकेगा, अंतिम छोर तक पहुंचेगा पानी।

    उपेंद्र म‍िश्र, डेहरी ऑन सोन। शाहाबाद की करीब डेढ़ सौ वर्ष पुरानी सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में जल संसाधन विभाग ने बड़ी पहल की है।

    विभाग ने शाहाबाद क्षेत्र की 2,060 किलोमीटर लंबी शाखा नहरों और वितरणियों (डिस्ट्रिब्यूटरी) के पक्कीकरण (लाइनिंग) की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 12,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    जल संसाधन विभाग ने इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) को सौंप दी है। वित्तीय स्वीकृति और धनराशि की उपलब्धता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाएगा।

    डेहरी फॉल से 32 किमी तक होगी लाइनिंग

    मुख्य पश्चिमी नहर के जीरो प्वाइंट डेहरी फॉल से 32 किलोमीटर तक लाइनिंग का कार्य सबसे पहले कराया जाएगा। इस पर करीब 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

    इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और दिल्ली की एक निर्माण एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया है। इस हिस्से के लिए केंद्रीय जल आयोग से स्वीकृति भी मिल चुकी है।

    मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय जल आयोग की बैठक से लौटने के बाद यह जानकारी दी।

    Rohtas

    (नई द‍िल्‍ली में आयोज‍ित बैठक में मुख्‍य अभ‍ियंता व अन्‍य।

    इन नहरों का होगा पक्कीकरण

    मुख्य अभियंता ने बताया कि परियोजना के तहत आरा मुख्य नहर, डुमरांव शाखा नहर, बिहिया शाखा नहर, बक्सर शाखा नहर, चौसा शाखा नहर तथा गारा-चौबे शाखा नहर सहित इनसे जुड़ी सभी वितरणियों और संरचनाओं का पक्कीकरण किया जाएगा।

    इनकी कुल लंबाई करीब 2,060 किलोमीटर है, जो भोजपुर, बक्सर, रोहतास और कैमूर समेत चार जिलों में फैली हुई है।

    उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाओं की डीपीआर केंद्रीय जल आयोग को सौंप दी गई है। स्वीकृति और वित्तीय उपलब्धता के अनुसार प्राथमिकता तय कर कार्यान्वयन किया जाएगा।

    रिसाव रुकेगा, अंतिम छोर तक पहुंचेगा पानी

    मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश नहरें कच्ची होने के कारण बड़ी मात्रा में पानी जमीन में रिस जाता है।

    इसका सबसे अधिक नुकसान अंतिम छोर के किसानों को उठाना पड़ता है, क्योंकि उनके खेतों तक समय पर पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता।

    उन्होंने कहा कि नहरों की लाइनिंग होने से पानी का रिसाव काफी हद तक रुक जाएगा। इससे जल प्रवाह तेज होगा, नहरों की वहन क्षमता बढ़ेगी और उनका जीवनकाल भी लंबा होगा। साथ ही, अब तक रिसकर व्यर्थ हो रहे पानी का उपयोग सीधे सिंचाई के लिए किया जा सकेगा।

    किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

    विभाग के अनुसार, नहरों के पक्कीकरण से किसानों को समय पर और पर्याप्त सिंचाई का पानी उपलब्ध होगा। इससे फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और सिंचाई व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं टिकाऊ बन सकेगी।

    बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

    नई दिल्ली में केंद्रीय जल आयोग की बैठक में मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह के साथ मॉनिटरिंग सर्किल के अधीक्षण अभियंता अमरेंद्र कुमार, कार्यपालक अभियंता आसिफ इकबाल तथा लायजन (Liaison) अधिकारी चंद्रशेखर कुमार भी मौजूद थे।

    खबरें और भी