सासाराम में बीईओ की विदाई चल रही थी, अचानक पहुंच गई निगरानी टीम; पुराने रिश्वत कांड में फिर पूछताछ
रोहतास के अकोढ़ीगोला बीआरसी में निवर्तमान बीईओ के विदाई समारोह के दौरान निगरानी विभाग की टीम अचानक पहुंच गई। टीम ने पुराने रिश्वत कांड में डाटा एंट्री ...और पढ़ें

विदाई समारोह में शामिल शिक्षक
HighLights
विदाई समारोह में निगरानी टीम की अचानक एंट्री।
निवर्तमान बीईओ से पुराने रिश्वत मामले में पूछताछ।
डाटा एंट्री ऑपरेटर की गिरफ्तारी से जुड़ा था मामला।
संवाद सूत्र, अकोढ़ीगोला (रोहतास)। स्थानीय बीआरसी में गुरुवार शाम स्थानांतरित बीईओ के विदाई समारोह के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब पटना से निगरानी विभाग की टीम अचानक पहुंच गई। टीम के पहुंचते ही समारोह में मौजूद शिक्षकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
निगरानी विभाग के इंस्पेक्टर शाहनवाज रिजवी ने निवर्तमान बीईओ प्रणव कुमार से पुराने मामले को लेकर पूछताछ की।
पूछताछ के बाद बीईओ ने बताया कि टीम 12 दिसंबर 2025 को बीआरसी के डाटा एंट्री ऑपरेटर की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में जानकारी लेने आई थी।
विदाई समारोह में निगरानी टीम की दस्तक
निगरानी टीम के अचानक पहुंचने से बीआरसी परिसर में मौजूद शिक्षकों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
टीम ने निवर्तमान बीईओ से डाटा एंट्री ऑपरेटर की गिरफ्तारी और उससे जुड़े पुराने घटनाक्रम की जानकारी ली। पूछताछ के बाद बीईओ ने स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है।
इसके बावजूद निगरानी टीम के पहुंचने से पुराने रिश्वत कांड की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई।
15 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा गया था डाटा एंट्री ऑपरेटर
बता दें कि 12 दिसंबर 2025 को बीआरसी में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार को पटना से पहुंची निगरानी टीम ने 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उनके आवास से गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद तत्कालीन बीईओ प्रणव कुमार के मोबाइल बंद कर फरार होने की बात सामने आई थी। उस समय निगरानी टीम ने डेहरी स्थित उनके किराए के मकान पर भी छापेमारी की थी, लेकिन वहां ताला बंद मिला था।
10 शिक्षकों के वेतन निर्धारण के बदले मांगी गई थी रकम
मामला राजकीय मध्य विद्यालय, बांक के विशिष्ट शिक्षक सुनील कुमार की शिकायत से जुड़ा था। उन्होंने नवंबर 2025 में निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार विद्यालय के 10 शिक्षकों के वेतन निर्धारण के बदले प्रति शिक्षक 1500 रुपये की दर से कुल 15 हजार रुपये की मांग की गई थी।
आरोप के मुताबिक शिक्षक ने जब बीईओ से संपर्क किया तो उन्हें डाटा एंट्री ऑपरेटर चंदन कुमार से मिलने के लिए कहा गया।
केमिकल लगे नोट लेकर पहुंचा था शिक्षक
शिकायत के सत्यापन के बाद निगरानी टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत शिकायतकर्ता शिक्षक को केमिकल लगे 500 रुपये के 30 नोट दिए गए।
शिक्षक इन रुपयों को लेकर डाटा एंट्री ऑपरेटर के आवास पर पहुंचा। जैसे ही चंदन कुमार ने रुपये लिए, सादे लिबास में पहले से मौजूद निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद उससे पूछताछ की गई।
खबरें और भी
पूछताछ में बीईओ के लिए रकम लेने की बात सामने आने का दावा
पूछताछ के दौरान ऑपरेटर ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वह रकम बीईओ के लिए ले रहा था। इसी पुराने मामले के सिलसिले में निगरानी टीम गुरुवार को बीआरसी पहुंची और निवर्तमान बीईओ से जानकारी ली।
हालांकि बीईओ ने अपने ऊपर किसी मामले के दर्ज होने से इनकार किया। विदाई समारोह के बीच निगरानी टीम की अचानक दस्तक ने पुराने रिश्वत कांड की फाइल को एक बार फिर चर्चा में ला दिया।