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    बिहार में जाति, आय और निवास बनवाना हुआ कठिन, सरकार ने सख्त किए नियम

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 02:11 PM (IST)

    बिहार सरकार ने जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नियमों को सख्त किया है। अब आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य होगा। ...और पढ़ें

    आय-जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाना हुआ कठिन। (सांकेतिक फोटो)

    आय-जाति और निवास प्रमाण पत्र बनवाना हुआ कठिन। (सांकेतिक फोटो)

    HighLights

    1. सभी आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य।

    2. निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र हेतु नए दस्तावेज नियम।

    3. फर्जीवाड़े पर रोक, प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी।

    संवाद सूत्र, सिमरीबख्तियारपुर (सहरसा)। बिहार सरकार की ओर से जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया गया है।

    अब आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना जरूरी कागजात के किए गए आवेदन को सीधे अस्वीकार कर दिया जाएगा।

    नए प्रावधान के तहत निवास प्रमाण पत्र के लिए आवेदक को पहचान पत्र के साथ पते से संबंधित वैध दस्तावेज या भूमि से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

    वहीं, आय प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ आय से जुड़े प्रमाण देना अनिवार्य किया गया है। इसी प्रकार जाति प्रमाण पत्र के लिए पहचान पत्र के साथ जमीन का खतियान देना जरूरी होगा।

    खतियान के साथ वंशावली संलग्न करना जरूरी

    प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जमीन आवेदक के पिता, दादा या परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर है, तो ऐसी स्थिति में खतियान के साथ वंशावली संलग्न करना अनिवार्य होगा।

    इससे पारिवारिक संबंध की पुष्टि की जा सकेगी। सरकार ने खतियान, दान पत्र, भूमि संबंधी अन्य दस्तावेज, भूमिहीनों को आवंटित जमीन के कागजात सहित विभिन्न राजस्व अभिलेखों को मान्य दस्तावेज की श्रेणी में रखा है।

    वहीं, जिन आवेदकों के पास भूमि या राजस्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें आवेदन के समय स्थल निरीक्षण का विकल्प दिया गया है। ऐसे मामलों में राजस्व कर्मियों द्वारा जांच के बाद ही प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा।

    फर्जीवाड़ा पर लगेगी रोक

    इस संबंध में सिमरीबख्तियारपुर की राजस्व अधिकारी खुशबू कुमारी ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से फर्जी प्रमाण पत्र बनने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

    उन्होंने आवेदकों से अपील की है कि आवेदन करने से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    उल्लेखनीय है कि पूर्व में कई बार बिना उचित जांच के फर्जी प्रमाण पत्र के आवेदन सामने आते रहे हैं, जिसे देखते हुए सरकार ने यह सख्त कदम उठाया है। नई व्यवस्था से अब प्रमाण पत्र निर्गमन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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