सहरसा में डिजिटली समाज को बदलेंगी जीविका दीदियां, अब खुद बनाएंगी शॉर्ट फिल्म; वीडियो एडिटिंग की ली ट्रेनिंग
सहरसा में जीविका दीदियों को लघु फिल्में बनाने के लिए वीडियो एडिटिंग और अन्य तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ...और पढ़ें
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HighLights
जीविका दीदियों को वीडियो संपादन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सफलता की कहानियों पर बनाएंगी अपनी लघु फिल्में।
डिजिटल माध्यम से आत्मनिर्भरता का संदेश देंगी दीदियां।
कुंदन कुमार, सहरसा। जीविका द्वारा दीदियों को प्रेरणादायी कहानियों का लेखन, वीडियो सूटिंग, कैमरा एंगल, फ्रेमिंग, इंटरव्यू तकनीक वीडियो का संपादन आदि के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि डिजिटल माध्यमों से उसका प्रचार कर जीविका दीदियों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार- प्रसार किया जा सके। साथ ही समाज की अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा सके। लघु वीडियो तैयार करने के लिए दीदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मोबाइल एप्लीकेशन से वीडियो संपादन का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
जीविका के प्रयास से दीदियों के जीवन में आए बदलाव, गांव व समाज की बदल रही सूरत और सशक्त हो रही महिलाओं की कहानी अब गांव व फाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कोसी जैसे पिछड़े क्षेत्र से बदलाव की यह कहानी लघु फिल्म के माध्यम से देश और दुनियां तक पहुंचेगी।
इसके लिए कहानियों का लेखन, वीडियो सूटिंग, कैमरा एंगल, फ्रेमिंग, इंटरव्यू तकनीक वीडियो का संपादन, प्रकाश व ध्वनि का प्रभावी उपयोग भी स्वयं जीविका दीदियां ही करेंगी। इसके लिए दीदियों मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से वीडियो संपादन का विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रभावी संचार, मोबाइल जर्नलिज्म, कहानी लेखन, सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने तथा प्रेरणादायक वीडियो निर्माण की तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
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जीविका दीदियों के कार्य पर आधारित कहानियों के लेखन एवं वीडियो निर्माण से संगठन की विश्वसनीयता और सकारात्मक छवि मजबूत होगी। इससे यह स्पष्ट होगा है कि जीविका की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं। जिन दीदियों की सफलता की कहानियां लिखी एवं प्रसारित की जाती हैं, उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और संस्था के प्रति उनका जुड़ाव भी अधिक मजबूत होता है। अन्य महिलाएं इससे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेंगी।
श्लोक कुमार, डीपीएम, जीविका, सहरसा।