बिहार के सहरसा में तेल के लिए डाल्फिन का शिकार, वीडियो वायरल होने के बाद एक्टिव हुआ वन विभाग
कोसी नदी में डाल्फिन के शिकार की खबर मिलने पर वन विभाग हरकत में आया। सहरसा के डरहार गांव के ...और पढ़ें
HighLights
कोसी नदी में डाल्फिन के शिकार की घटना सामने आई।
वन विभाग ने जांच शुरू की, प्राथमिकी दर्ज होगी।
डाल्फिन राष्ट्रीय जलीय जीव है, इसका शिकार प्रतिबंधित है।
संवाद सूत्र, नवहट्टा (सहरसा)। कोसी नदी में डाल्फिन के शिकार की खबर मिलते ही वन विभाग सजग हुई। डरहार थाना अंतर्गत डरहार गांव के समीप नदी में डाल्फिन को जाल में फंसाकर दो शिकारी पानी से नाव पर लेकर तेल निकालने हेतु ले जा रहे थे, लेकिन गांव के ही किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया (वायरल वीडियो की जागरण पुष्टि नहीं करता है।
वन विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में जब आया तो संयुक्त टीम वन पाल मु. अब्दुल सलाम की अगुवाई में चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया तथा संबंधित घटना की जानकारी ली। कथित शिकारी वीरेन्द्र गांव से फरार हो गया। इसलिए वन विभाग के अधिकारी व कर्मी के पकड़ में नहीं आ सका।
वन पाल ने बताया कि स्थानीय लोगों से की गई पूछताछ में पता चला कि शिकारियों को भी छापामारी की भनक लग गई थी इसलिए नदी किनारे ही मृत डाल्फिन को फेंककर चला गया। संयुक्त टीम को भी स्थल निरीक्षण पर इसका प्रमाण मिला।
उन्होंने कहा कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही कोशी नदी में इस दुर्लभ जलीय जीव के संरक्षण हेतु सतत निगरानी का निर्देश स्थानीय कर्मियों को दिया गया है।
डाल्फिन है राष्ट्रीय जलीय जीव
डाल्फिन मछलियों से भरपूर और अशांत गहरे जल में पनपती है और कम तेज धारा वाले क्षेत्र में निवास करती है। 2009 में इसे राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया गया था। इसका शिकार प्रतिबंधित है।
नदियों के इकोसिस्टम को बेहतर बनाने में इस जीव की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। जैव संकेतक के रूप में नदियों में इनकी उपस्थिति साफ और संतुलित जलीय वातावरण को दर्शाती है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत सर्वोच्च संरक्षण प्राप्त है।
