सहरसा के रमेश झा कॉलेज में छात्राओं को मिलेगी हॉस्टल की सुविधा, ₹29 लाख की लागत से हुआ रिनोवेशन
सहरसा के रमेश झा महिला महाविद्यालय में छात्राओं के लिए बंद पड़ा छात्रावास 29 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण के बाद फिर से खुल गया है। इससे ग्रामीण छात्राओ ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
रमेश झा महिला महाविद्यालय छात्रावास 29 लाख में सौंदर्यीकृत।
80 छात्राओं के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस है छात्रावास।
ग्रामीण छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मिलेगी मदद।
संवाद सूत्र, सहरसा। शहर के रमेश झा महिला महाविद्यालय परिसर में महिला छात्रावास की सुविधा अब छात्राओं को मिलनी शुरू होगी। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन ने छात्राओं ने छात्रावास में रहने के लिए आवेदन लेना शुरू कर दिया है।
कोसी प्रमंडल का इकलौता रमेश झा महिला महाविद्यालय छात्राओं के लिए एकमात्र कॉलेज है। जहां पर स्नातक से स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई कई विषयों में होती है।
इस कॉलेज में बीएड पाठ्यक्रम भी संचालित है। इस कॉलेज में छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए पिछले तीन वर्षों से छात्रावास बंद पड़ा था। जिसे हाल ही में कॉलेज प्रबंधन ने 29 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण कर छात्रावास मेें आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई है।
80 छात्राओं के लिए इस छात्रावास में बेड की उपलब्धता है। जिस आधार पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा छात्रावास में रहनेवाली छात्राओं से आवेदन लेना शुरू कर दिया है।
छात्रावास बंद रहने पर उच्च शिक्षा के लिए ग्रामीण इलाका से छात्राएं पढ़ नहीं पाती थी। लेकिन अब छात्रावास के चालू होने से यह समस्या समाप्त होगी। अब छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने के लिए कहीं भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अक्टूबर 2023 से बंद था छात्रावास
हॉस्टल जर्जर होने के कारण पिछले वर्ष 2023 अक्टूबर माह से बंद पड़ा था। बाद में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डा. उषा सिन्हा आने के बाद उनकी पहल से 29 लाख की लागत से छात्रावास का सौंदर्यीकरण सहित अन्य कार्य कराए गए। जिसके बाद अब छात्रावास में लड़कियों के रहने की सुविधा मिलने लगेगी।
कॉलेज में नामांकित है करीब दो हजार छात्राएं
रमेश झा महिला महाविद्यालय में स्नातक से स्नातकोत्तर तक की पढाई होती है। कला व विज्ञान संकाय में करीब दो हजार से अधिक छात्राएं नामांकित है। कॉलेज में नामांकित छात्राओं को ही हॉस्टल में रहने की सुविधाएं मिलेगी।
खबरें और भी
नहीं होगी पढ़ाई बाधित
छात्रावास में हर तरह की आधुनिक सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। 80 छात्राओं के रहने की सारी व्यवस्था छात्रावास में रहेगी। इसके लिए एक अलग समिति गठित कर दी गई है, जो छात्रावास का संचालन करेगी।
हॉस्टल के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में रहनेवाली छात्राओं की पढाई अब बाधित नहीं होगी। हॉस्टल में रहकर वे अपनी पढ़ाई पूरी करेगी। -प्रो. डॉ. उषा सिंहा, प्राचार्य, रमेश झा महिला महाविद्यालय