सहरसा में पकड़े गए BPSC पास फर्जी शिक्षक, विभाग ने वेतन रोका; 2-3 साल का पैसा वसूलेगा
बीपीएससी उत्तीर्ण विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों की जांच में सहरसा जिले में कई फर्जी शिक्षक चिन्हित किए गए हैं। विभाग ऐसे शिक्षकों से पिछले दो-ती ...और पढ़ें


समय कम है?
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संवाद सूत्र, सहरसा। जिले में बीपीएससी उत्तीर्ण विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों की जांच के दौरान कई फर्जी शिक्षकों को चिन्हित किया है। जिसके विरुद्ध विभाग जांच कर रही है।
ऐसे फर्जी शिक्षकों की पहचान कर विभाग उससे पिछले दो-तीन वर्षों से फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर लिए गए पैसों को भी विभाग वसूल करेगी। ऐसे फर्जी शिक्षकों से विभाग ने स्पष्टीकरण भी पूछा है।
ऐसे ही एक शिक्षक मंत्रेश कुमार से दूसरी बार स्पष्टीकरण पूछा गया है। जिसमें कहा गया कि 20 मार्च 26 को एसटीईटी पेपर द्वितीय में अनुतीर्णता के संबंध में कारण पृच्छा पूछा गया था। जिसका जवाब स्पष्टीकरण असत्य एवं भ्रामक है।
स्पष्टीकरण असंतोषजनक रहने के फलस्वरूप उन्हें सात अप्रैल को अंतिम अवसर प्रदान करने हेतु फिर से तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण साक्ष्य सहित मांगा गया है। साथ ही विभाग ने शिक्षक का वेतन भी तत्काल स्थगित कर दिया है।
जिले के महिषी प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय कंदाहा में विद्यालय अध्यापक कंप्यूटर विज्ञान के मंत्रेश कुमार से विभाग ने दूसरी बार स्पष्टीकरण पूछा है। इसी तरह अन्य कई शिक्षकों पर भी विभाग द्वारा गाज गिरना तय माना जा रहा है।
सबसे आश्चर्य बात तो यह है कि अधिकांश फर्जी शिक्षक बीपीएससी उत्तीर्ण है। फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर निर्धारित उम्र से अधिक आयु के शिक्षक तो कोई परीक्षा में अनुतीर्ण होने के बाद भी नौकरी हासिल कर ली। इसका खुलासा प्रमाण पत्रों की जांच में हुआ है।
तीन दर्जन से अधिक बीपीएससी उत्तीर्ण विद्यालय अध्यापकों से पूछा गया स्पष्टीकरण
प्रमाण पत्रों के सत्यापन में दर्जनों शिक्षकों के प्रमाण पत्र में असमानता पायी गयी है। किसी का आयु ज्यादा है तो कोई एसटीईटी परीक्षा में अनुतीर्ण है। इसके बाद वे लोग शिक्षक बन बैठे है। बीपीएससी कैसे परीक्षा ली, जिस कारण फर्जी प्रमाण पत्र वाले भी विद्यालय अध्यापक बन गए। यह तो प्रमाण पत्रों के सत्यापन के दौरान फर्जीवाड़ा का खुलासा हो रहा है।
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जिले में बीपीएससी उत्तीर्ण विद्यालय अध्यापकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जा रहा है। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी करनेवालों को चिन्हित कर उससे राशि भी वसूल की जाएगी।
हेमचंद्र, जिला शिक्षा पदाधिकारी