सहरसा के भवड़ा गांव में लगी भीषण आग, 32 परिवार बेघर; लाखों की संपत्ति स्वाहा
सहरसा के भवड़ा गांव में भीषण अगलगी से 32 परिवारों के घर और लाखों की संपत्ति जलकर राख हो गई। इस घटना ने बैजनाथ मुखिया की बेटी की शादी की तैयारियों को भ ...और पढ़ें

आग से जलकर खाक हुआ घर। (जागरण)
HighLights
भवड़ा गांव में भीषण आग से 32 परिवार बेघर हुए।
बैजनाथ मुखिया की बेटी की शादी की तैयारी जलकर राख।
राजस्व अधिकारी ने मुआवजे का आश्वासन दिया, ग्रामीण कर रहे मदद।
संवाद सूत्र, सोनवर्षा राज (सहरसा)। क्षेत्र के खजुराहा पंचायत अंतर्गत भवड़ा गांव में बीते शुक्रवार की रात भीषण अगलगी की घटना में 32 परिवारों का घर सहित लाखों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई।
घटना से पूरे गांव में अफरातफरी और मातम का माहौल बना हुआ है।सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पीड़ित बैजनाथ मुखिया की पुत्री का तिलक शनिवार को होना था। परिवार ने इसको लेकर पूरी तैयारी कर रखी थी, लेकिन आग ने सारी खुशियों को चंद घंटों में ही राख में बदल दिया।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की देर रात अज्ञात कारणों से एक घर में आग लग गई। बांस और फूस से बने घर एक-दूसरे से सटे होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
शोर-शराबा होने पर ग्रामीण जुटे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन चापाकल और मोटर का पानी आग की भयावहता के सामने नाकाफी साबित हुआ।
ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की, लेकिन तब तक आग कई घरों को अपनी चपेट में ले चुकी थी। सूचना मिलने पर बसनही, सिमरी बख्तियारपुर और सहरसा से अग्निशमन विभाग की दो छोटी और एक बड़ी गाड़ी मौके पर पहुंची।
दमकल कर्मियों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।इस घटना में बैजनाथ मुखिया, नीरज मुखिया, जगरनाथ मुखिया समेत कुल 32 परिवारों के घर, अनाज, कपड़े और दैनिक उपयोग की सभी वस्तुएं जलकर पूरी तरह राख हो गईं।
घटना की सूचना पर शनिवार को राजस्व अधिकारी सैयद बादशाह मौके पर पहुंचे और क्षति का आकलन किया। उन्होंने बताया कि पीड़ित परिवारों के बीच तत्काल राहत के तौर पर पॉलीथिन का वितरण किया गया है तथा सभी को सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।आगलगी की इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब कैसे होगी बिटिया की शादी
खजुराहा पंचायत के भवड़ा गांव में शुक्रवार की रात लगी भीषण आग ने जहां 32 परिवारों को बेघर कर दिया, वहीं एक परिवार की खुशियों को सबसे गहरा आघात पहुंचाया।
अगलगी की इस भयावह घटना ने बैजनाथ मुखिया के घर में होने वाली बेटी की शादी की तैयारियों को पूरी तरह से राख कर दिया। बैजनाथ मुखिया की पुत्री का शनिवार को सिमरी बख्तियारपुर के चपराम कोठी तिलक समारोह निर्धारित था।
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इसके लिए परिवार कई महीनों से तैयारी में जुटा हुआ था। खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले बैजनाथ मुखिया ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार बेटी की शादी के लिए करीब 02 लाख 31 हजार रुपये नगद, जेवरात, पलंग, सोफा, कुर्सी, बर्तन सहित सभी आवश्यक सामान जुटा रखा था।
लेकिन आग की एक ही रात में सारी तैयारियां जलकर खाक हो गईं।जिस आंगन में शनिवार को मेहमानों की चहल-पहल होनी थी, वहां अब सन्नाटा पसरा है। तिलक की तैयारियां राख में तब्दील हो चुकी हैं और स्वजनों के चेहरे पर गहरा दुख साफ झलक रहा है।
पिता बैजनाथ मुखिया की आंखों में बेबसी है। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए जो भी पूंजी थी, वह पूरी तरह आग की भेंट चढ़ गई। अगलगी की इस घटना में बैजनाथ मुखिया को करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
एक ओर जहां अन्य प्रभावित परिवार अपने-अपने नुकसान से जूझ रहे हैं, वहीं इस परिवार की स्थिति देख पूरे गांव में संवेदना का माहौल है।
ग्रामीणों ने मानवीय पहल करते हुए आपस में चंदा इकट्ठा कर पीड़ित परिवार की मदद शुरू कर दी है, ताकि किसी तरह बेटी की शादी संपन्न हो सके।
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