कोसी को रेलवे की 499 करोड़ की सौगात: डबल होगी सहरसा-मानसी रेल लाइन, दौड़ेंगी कई नई ट्रेनें
भारतीय रेलवे ने 499 करोड़ रुपये की लागत से सहरसा-मानसी रेल खंड के 44.40 किलोमीटर के दोहरीकरण को मंजूरी दी है। यह परियोजना बिहार में रेल अवसंरचना को मज ...और पढ़ें

सहरसा-मानसी रेल खंड का 499 करोड़ से दोहरीकरण, कोसी क्षेत्र में बढ़ेगी समृद्धि

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संवाद सूत्र, सहरसा। भारतीय रेलवे ने यात्री और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए बिहार में रेल अवसंरचना को महत्वपूर्ण बढ़ावा देते हुए पूर्व मध्य रेल के 44.40 किलोमीटर लंबे सहरसा-मानसी रेल खंड को 499 करोड़ की लागत से दोहरीकरण करने की मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना लाइन की क्षमता बढ़ाएगी, परिचालन दक्षता में सुधार करेगी और इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्रियों और माल ढुलाई की बढ़ती मांग को पूरा करेगी।
सहरसा-मानसी दोहरीकरण कार्य को रेल मंत्रालय द्वारा हरी झंडी दिए जाने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इससे कोसी इलाका का व्यापार और अधिक समृद्ध होगा। साथ ही कई नई ट्रेनों की भी सुविधा मिलेगी। ट्रेन को अब गुजरने के लिए किसी स्टेशन पर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
व्यस्त रेल कॉरिडोर पर क्षमता वृद्धि
सहरसा-मानसी रेल खंड वर्तमान में मानसी-सरायगढ़ मार्ग पर एक एकल-लाइन कॉरिडोर है। जहां यात्रियों और माल की भारी आवाजाही होती है। इस खंड पर प्रत्येक दिशा में 24 जोड़ी यात्री ट्रेनें चलती हैं और साथ ही गेहूं, मक्का, गिट्टी, उबले चावल, सीमेंट, उर्वरक, चावल, नमक, रेत, पत्थर और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं का परिवहन भी होता है।
वर्तमान में रेल लाइन की क्षमता का उपयोग पहले ही 108.11 फीसद तक पहुंच चुका है और 2028-29 तक इसके बढ़कर 119.34 फीसद होने का अनुमान है। जो अतिरिक्त रेल क्षमता की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
यात्री सेवाओं और माल ढुलाई को बढ़ावा
रेल दोहरीकरण परियोजना से अतिरिक्त लाइन क्षमता का सृजन होगा। जिससे यात्री और मालगाड़ियों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी और परिचालन संबंधी बाधाएं कम होंगी। उन्नत बुनियादी ढांचा समय की पाबंदी में सुधार करेगा। परिचालन लचीलापन बढ़ाएगा और पूरे क्षेत्र में रेल यातायात की भविष्य की वृद्धि को सहायता देगा।
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परियोजना के चालू होने पर इससे प्रति वर्ष अतिरिक्त 1.764 मिलियन टन (एमटीपीए) माल ढुलाई यातायात को संभालने में सुविधा होने की उम्मीद है। जिससे कृषि, निर्माण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों के लिए रसद को मजबूती मिलेगी।
यह परियोजना भारतीय रेलवे के उन निरंतर प्रयासों का हिस्सा है जिनका उद्देश्य उच्च मांग वाले मार्गों पर क्षमता का विस्तार करना, सेवा की विश्वसनीयता में सुधार करना और देशभर में यात्रियों और माल ढुलाई के लिए तेज, सुरक्षित और अधिक कुशल परिवहन को बढ़ावा देना है।
सहरसा-मानसी रेल खंड के दोहरीकरण को रेल मंत्रालय ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस परियोजना के पूर्ण होने से इस क्षेत्र में और अधिक खुशहाली व प्रगति होगी। - ज्योति प्रकाश मिश्रा, मंडल रेल प्रबंधक, समस्तीपुर, पूर्व मध्य रेल