सहरसा में घरेलू कलह के बाद मां ने पांच बच्चों के साथ खाया जहर, दो की हालत नाजुक
सहरसा के मोहनपुर गांव में सास-बहू के विवाद के बाद एक महिला ने अपने पांच बच्चों के साथ जहर खा लिया। घटना के बाद दो बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबक ...और पढ़ें

सहरसा में घरेलू कलह के बाद मां ने पांच बच्चों के साथ खाया जहर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, बनमाइटहरी (सहरसा)। थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव में सास-बहू के विवाद ने सोमवार को भयावह रूप ले लिया। आवेश में आकर एक बहू ने अपने पांच बच्चों के साथ जहर खा लिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में दहशत का माहौल कायम हो गया है।
जानकारी के अनुसार, ईटहरी पंचायत के वार्ड नंबर पांच मोहनपुर निवासी रंजन पंडित की पत्नी सोनी देवी (40) का किसी बात को लेकर अपने सास-ससुर से विवाद हो गया। विवाद के बाद गुस्से में आकर महिला ने खुद के साथ-साथ अपने पांचों बच्चों को भी जहर खिला दिया।
जहर खाने वालों में रामकुमार (5), लखन कुमार (5), प्रीति कुमारी (14) और रचना कुमारी (13) बच्चे शामिल हैं। घटना के बाद परिजनों की मदद से सभी को आनन-फानन में इलाज के लिए नारायण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
चिकित्सकों के अनुसार, दोनों पुत्र रामकुमार और लखन कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अन्य की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जहर के असर को पूरी तरह खत्म होने में करीब 48 घंटे का समय लग सकता है, इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
खबरें और भी
इधर, सूचना मिलते ही बनमा इटहरी थाना के प्रभारी पुलिस पदाधिकारी हसीन अहमद खान ने दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
महिला का पति परदेश में कर रहा मजदूरी
पीड़ित महिला का पति रंजन पंडित अकेला है और परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर है। वह रोजी-रोटी कमाने के लिए परदेश में रहकर मजदूरी करता है। परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी वह अपने माता-पिता के भरोसे छोड़कर बाहर गया हुआ था।
इधर, रविवार को किसी बात को लेकर सास-बहू के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि उसने भयावह रूप ले लिया। आक्रोश में आकर महिला ने अपने पांच बच्चों के साथ स्वयं को जहर खाकर जान देने की असफल कोशिश की।
जहर खाने के बाद जब बच्चे बेहोश होने लगे तो स्वजन उन्हें नारायण मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल सहरसा ले गए जहां इलाज चल रहा है।