सहरसा के नामचीन रेड लाइट एरिया में अचानक धमक पड़ी पुलिस, 19 लोग हिरासत में; संचालकों के नाम सुन अधिकारी भी दंग
सहरसा के भारतीय नगर रेड लाइट इलाके में पुलिस ने देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 19 लोगों को हिरासत में लिया गया और 11 को गिरफ्ता ...और पढ़ें

सहरसा रेड लाइट इलाके में पुलिस की बड़ी रेड, हिरासत में ली गईं 11 महिलाएं; पूछताछ में खुले कई चौंकाने वाले राज
HighLights
सहरसा के रेड लाइट इलाके में पुलिस की बड़ी छापेमारी।
19 लोग हिरासत में, 11 गिरफ्तार, देह व्यापार का भंडाफोड़।
चार नाबालिग बच्चियों को बचाया गया, मुख्य सरगना फरार।
जागरण संवाददाता, सहरसा। सहरसा शहर के रेलवे स्टेशन स्थित भारतीय नगर रेड लाइट इलाके में मंगलवार को हुई पुलिस छापेमारी में देह व्यापार के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में संलिप्त कुल 19 महिला एवं पुरुषों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हिरासत में लिए गए लोगों से सघन पूछताछ के बाद पुलिस ने नौ महिलाओं और दो पुरुषों को अनैतिक देह व्यापार में सीधे संलिप्त पाते हुए विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस छापेमारी के दौरान बरामद की गईं चार नाबालिग बच्चियों और दो अन्य महिलाओं को इस धंधे में संलिप्त नहीं पाए जाने पर कानूनी प्रक्रिया के तहत परिजनों को सौंप दिया गया।
नाबालिग से जबरन धंधा कराने की थी सूचना
इस पूरे मामले में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग इकाई (अहटू) के पुलिस पदाधिकारी मनोज कुमार बच्चन की लिखित शिकायत पर सदर थाने में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर उससे जबरन अनैतिक देह व्यापार का धंधा कराया जा रहा है। इस इनपुट पर तुरंत संज्ञान लेते हुए पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) सहरसा, कल्याण आनंद के मार्गदर्शन में एक विशेष और संयुक्त पुलिस टीम का गठन किया गया।
खबरें और भी
भारी पुलिस बल ने चारों तरफ से घेरा इलाका
विशेष टीम में सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान, महिला पुलिस बल, साइबर थाना रिजर्व सशस्त्र बल और गैर सरकारी संगठन 'नया सवेरा' के संजीव कुमार मुख्य रूप से शामिल थे।
पुलिस टीम ने भारतीय नगर पहुंचकर महिला और पुरुष बल के सहयोग से पूरे इलाके की घेराबंदी की और अचानक धावा बोलकर कुल 19 लोगों को मौके से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में चार नाबालिग बच्चियां, चार लड़के और 11 महिलाएं शामिल थीं। ये सभी मूल रूप से खिरयाही मोहल्ला और भारतीय नगर वार्ड नंबर 35 के रहने वाले हैं।
गृह स्वामियों और संचालकों के खुले नाम
पूछताछ के दौरान दो महिलाओं ने बताया कि वे मोहम्मद कुर्बान के कहने पर उसके दो कमरों में यह धंधा करती हैं और कमाई का पूरा पैसा उसी को सौंप देती हैं। वहीं, तीन अन्य महिलाओं ने खुलासा किया कि मोहम्मद अब्दुल अपने घर में रखकर उनसे जबरन यह काम कराता है, जबकि दो महिलाओं ने अपने पतियों के दबाव में धंधा करने की बात कबूली।
दो अन्य महिलाओं ने अलीजान उर्फ गोंगा और मोहम्मद गफूर के नाम उजागर किए। इसके आधार पर गृह स्वामी और संचालक मोहम्मद कुर्बान, मोहम्मद अब्दुल, मोहम्मद जलील, टिंकू कुमार, अलीजान और मोहम्मद गफूर को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
मुख्य सरगनाओं को दबोचना पुलिस के लिए चुनौती
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि भारतीय नगर स्थित इस रेड लाइट इलाके में पुलिस की यह कार्रवाई अक्सर महज खानापूर्ति साबित होती है क्योंकि मुख्य सरगना कभी हाथ नहीं आते।
धंधे के बड़े ऑपरेटर इस तरह से पूरा नेटवर्क चलाते हैं कि पुलिस को उनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाता, जिससे वे हमेशा साफ बच निकलते हैं। नतीजा यह होता है कि कुछ दिनों बाद जेल गए लोग जमानत पर बाहर आ जाते हैं और यह इलाका फिर से गुलजार हो जाता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।