बिहार में राजस्व कर्मियों की हड़ताल का असर, समस्तीपुर को लक्ष्य का सिर्फ 45% ही हासिल
Bihar Strike Impact: समस्तीपुर जिले में राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल के कारण वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व प्राप्ति लक्ष्य का केवल 45% ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।

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जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Revenue Collection: जिले में अंचलों की राजस्व प्राप्ति पर कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल का सीधा असर देखने को मिला है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को निर्धारित लक्ष्य का मात्र 45 प्रतिशत ही हासिल हो सका। 17.5 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 7.87 करोड़ रुपये की वसूली हुई।
पूसा अव्वल, हसनपुर सबसे पीछे
अंचलवार प्रदर्शन की बात करें तो पूसा 63 प्रतिशत वसूली के साथ सबसे आगे रहा, जबकि हसनपुर महज 31 प्रतिशत के साथ सबसे पिछड़ा साबित हुआ। दलसिंहसराय (58.07 प्रतिशत) और समस्तीपुर अंचल (58.03 प्रतिशत) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
मध्यम और कमजोर अंचलों की स्थिति
मोरवा, उजियारपुर, मोहिउद्दीननगर, खानपुर, वारिसनगर और ताजपुर जैसे अंचलों का प्रदर्शन मध्यम स्तर का रहा। वहीं बिथान, शिवाजीनगर, कल्याणपुर, पटोरी, रोसड़ा और सिंघिया जैसे अंचल औसत से नीचे रहे।
सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले अंचलों में सरायरंजन, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर, मोहनपुर और हसनपुर शामिल हैं।
बड़े लक्ष्य वाले अंचलों में भी कमी
बड़े लक्ष्य वाले अंचलों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं रही। कल्याणपुर को 1.56 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 65.91 लाख ही मिल पाए। विभूतिपुर को 1.29 करोड़ के लक्ष्य के विरुद्ध करीब 44.05 लाख और उजियारपुर को 1.24 करोड़ के मुकाबले 61.16 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी।
हड़ताल बनी मुख्य वजह
बताया गया कि 9 फरवरी से कर्मचारियों और मार्च से अधिकारियों की हड़ताल के कारण अंचल कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहा। दाखिल-खारिज और परिमार्जन जैसे जरूरी कार्य समय पर नहीं हो सके, जिससे राजस्व वसूली की गति धीमी पड़ गई।
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ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद दिक्कत
हालांकि लगान वसूली के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू है, लेकिन परिमार्जन जैसे लंबित मामलों के कारण वसूली प्रभावित हुई। इससे लंबित मामलों की संख्या बढ़ी और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जल्द सुधार की उम्मीद
राजस्व अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार ने कहा कि लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने पर राजस्व वसूली में सुधार होने की उम्मीद है।