Bihar News : पिता का सपना पूरा, अब देश की बारी, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को देख पाकिस्तानी भी हैरान, समस्तीपुर में जश्न
Samastipur Bihar Cricket Talent : बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने शानदार बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को चौंका दिया है, यहां तक कि पाकिस ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
डिजिटल डेस्क, समस्तीपुर। Rajasthan Royals Young Opener : क्रिकेट की दुनिया में जब कोई रिकॉर्ड टूटता है, तो आंकड़े बदलते हैं। लेकिन जब बिहार के समस्तीपुर का एक 15 वर्षीय किशोर आईपीएल जैसे दुनिया के सबसे बड़े मंच पर जाकर तहलका मचाता है, तो इतिहास बदल जाता है।
ताजपुर निवासी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी उम्र को महज एक संख्या साबित कर दिया है। राजस्थान रॉयल्स के लिए ओपनिंग करते हुए वैभव ने अपनी बल्लेबाजी से जो 'आग' उगली है, उसकी तपिश अब सात समंदर पार पाकिस्तान तक महसूस की जा रही है।
पिता की तपस्या का मिला मीठा फल
वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी ने बरसों पहले एक सपना देखा था-अपने बेटे को विश्व स्तरीय क्रिकेटर बनाने का। बिहार जैसे राज्य में जहां क्रिकेट की डगर हमेशा से कठिन रही है, वहां एक पिता ने अपनी पूरी पूंजी और विश्वास वैभव पर लगा दिया।
आज जब वैभव आईपीएल की पिच पर बड़े-बड़े दिग्गजों के छक्के छुड़ा रहे हैं, तो यह उस पिता के संघर्षों की जीत है। समस्तीपुर के गलियारों में एक ही गूंज है कि पिता का सपना तो इस जांबाज बेटे ने पूरा कर दिया, अब बारी पूरे देश की उम्मीदों पर खरा उतरने की है।
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15 साल का 'आग का गोला' और पाकिस्तान में खलबली
वैभव की उम्र सिर्फ 15 साल है, लेकिन उनके शॉट किसी मंझे हुए अनुभवी खिलाड़ी की याद दिलाते हैं। पाकिस्तान के खेल गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि आखिर भारत में यह कैसे संभव है? पाकिस्तानी क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ यह देखकर हक्के-बक्के हैं कि 15 साल की उम्र में कोई बच्चा इतने बेखौफ अंदाज में अंतरराष्ट्रीय गेंदबाजों का सामना कैसे कर सकता है।
दिग्गज क्रिकेटर उन्हें 'गॉड गिफ्टेड' कह रहे हैं, तो कोई उन्हें 'आग का गोला' मान रहा है। उनकी उम्र को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वैभव का बल्ला उन तमाम सवालों का जवाब दे रहा है जो उनके कौशल पर शक करते थे।
पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी भी हैरान
पाकिस्तान के पूर्वी क्रिकेटर इंजमाम-उल-हक ने वैभव की तकनीक और मानसिक मजबूती की तारीफ करते हुए कहा कि इतनी कम उम्र में गेंदबाजों को 'रीड' करने की जो क्षमता वैभव में है, वह उन्हें एक महान बल्लेबाज की श्रेणी में खड़ा करती है।
आरसीबी के खिलाफ उनकी 26 गेंदों में 78 रनों की पारी देखकर इंजमाम काफी हैरान दिखे। शोएब अख्तर और वासीम अकरम
ये दोनों दिग्गज भी वैभव के 'निडर' अंदाज के दीवाने हो गए हैं।
शोएब अख्तर ने उनके शॉट्स को 'आग का गोला' कहा है, वहीं वासीम अकरम उनकी आक्रामक बैटिंग स्टाइल को देखकर हैरान हैं कि एक 15 साल का बच्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों जैसे जसप्रीत बुमराह और जोश हेजलवुड का सामना इतनी सहजता से कैसे कर रहा है।
बिहार के कोने-कोने में जश्न, समस्तीपुर का नाम रोशन
वैभव की इस ऐतिहासिक सफलता ने बिहार के हर जिले में गर्व का माहौल पैदा कर दिया है। समस्तीपुर से लेकर पटना तक, हर क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर बस वैभव का ही नाम है। लोगों का कहना है कि वैभव ने विश्व पटल पर बिहार के सम्मान को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।
अगला पड़ाव टीम इंडिया
पिता के अरमानों को हकीकत में बदलने के बाद अब वैभव का अगला पड़ाव टीम इंडिया है। खेल पंडितों का मानना है कि जिस तरह यह 15 साल का लड़का दबाव को झेल रहा है, वह भविष्य में भारतीय टीम का सबसे बड़ा स्तंभ बनेगा।
बिहार के लाल ने दिखा दिया कि मिट्टी चाहे गांव की हो, अगर लगन हो तो वह दुनिया के किसी भी कोने में चमक सकती है। पिता का मिशन पूरा हुआ, अब वैभव देश का मान बढ़ाने को तैयार है।
वैभव के शुरुआती कोंच बृजेश झा बताते हैं कि जब वैभव महज 5 साल का था, तभी से उसमें एक अद्भुत खूबी थी-टास्क को पूरा करने की जिद।
कोच ने कहा, वैभव को जो भी टास्क दिया जाता था, वह उस पर अर्जुन की तरह फोकस करता था। उसे काम अधूरा छोड़ना पसंद नहीं था। वह बचपन से ही आम बच्चों से बिल्कुल अलग था। उसकी एकाग्रता और सीखने की भूख ही आज उसे इस मुकाम पर लाई है।