समस्तीपुर में अब घर-आंगन से लेकर खेतों तक लहलहाएंगे नारियल के पेड़, सरकार भी देगी साथ
समस्तीपुर जिले में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए पौधा वितरण योजना शुरू की गई है, जिसमें किसानों को 75% अनुदान मिलेगा। इस योजना के तहत पंजीकृत क ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । समस्तीपुर जिले में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधा वितरण योजना की शुरुआत की गई है। जिले में 1600 पौधा रोपण का लक्ष्य है। इसमें प्रति किसान न्यूनतम पांच पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
अधिकतम 712 पौधे देने का प्रविधान है। नारियल विकास योजना के तहत किसानों को प्रति पौधा 75 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसे लेकर आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक पौधा के लिए किसानों को 21.25 रुपये देने होंगे। पौधा उन्हें दिया जाएगा जो अपने घर के आसपास की जमीन, बाड़ी, किचेन गार्डन या खेत में लगाने के इच्छुक होंगे।
शहरी क्षेत्र के लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। पारंपरिक खेती से किसानों को अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। इसको लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि किसान अधिक मुनाफा कमा सकें।
उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने उद्यानिकी में नारियल को भी शामिल किया है। इस योजना का लाभ सिर्फ रजिस्टर्ड किसानों को ही मिलेगा। नारियल के पौधे को अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग तैयारी में जुट गया है।
रजिस्टर्ड किसानों को ही मिलेगा लाभ
योजना का लाभ सिर्फ रजिस्टर्ड किसानों को ही मिलेगा। नारियल के पौधे को अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराने के लिए उद्यान विभाग तैयारी में जुट गया है। नारियल की खेती के लिए 75 फीसदी तक अनुदान दिया जा रहा है।
जिन किसानों को योजना का लाभ लेना है, उन्हें जमीन की रसीद आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। किसानों को योजना का लाभ लेने के लिए विभागीय साइट पर आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद ही किसानों को लाभ मिलेगा।
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पौधे का मूल्य 85 रुपये प्रति पौधा होगा। जिसमें किसान को 21.25 रुपये जमा करना होगा। सरकार प्रत्येक पौधे पर 63.75 रुपये का अनुदान देगी। पारंपरिक खेती से किसानों को अधिक लाभ नहीं मिल पाता है। इसको लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि किसान अधिक मुनाफा कमा सकें।
किसान नारियल की खेती से भी अपनी आय बढ़ा सकते हैं। किसानों को नारियल की बागवानी शुरू कराने के लिए अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। एक किसान न्यूनतम पांच और अधिकतम 712 पौधे ले सकता है। इस योजना का लाभ शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के किसान उठा सकते हैं।
- डा. सुमित सौरभ, जिला कृषि पदाधिकारी, समस्तीपुर।