Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कल से अयोध्या होकर चलेंगी वैशाली व बिहार संपर्क क्रांति समेत कई ट्रेनें, यात्रा से पहले जरूर देखें रूट चार्ट

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 12:06 PM (IST)

    Train Route Diverted: पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा जंक्शन पर तीसरी रेल लाइन के काम के कारण 7 से 11 जुलाई तक मेगा ब्लॉक रहेगा, जिससे वैशाली और बिहार संपर् ...और पढ़ें

    समस्तीपुर मंडल होकर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को अयोध्या के रास्ते चलाया जाएगा। फाइल फोटो

    समस्तीपुर मंडल होकर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को अयोध्या के रास्ते चलाया जाएगा। फाइल फोटो

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Indian Railways Updates: पूर्वोत्तर रेलवे के गोंडा जंक्शन पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए बड़ा ब्लॉक लिया जा रहा है।

    गोंडा-गोंडा कचहरी रेलखंड के बीच करीब पांच किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन को मुख्य नेटवर्क से जोड़ने के लिए रेलवे द्वारा 7 से 11 जुलाई तक प्री-इंटरलाकिंग एवं नान-इंटरलाकिंग (NI) का कार्य कराया जाएगा।

    इस मेगा ब्लॉक के कारण इस रूट से गुजरने वाली वैशाली और बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित दर्जनों ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह प्रभावित रहेगा।

    कई गाड़ियों को निरस्त किया गया है, जबकि समस्तीपुर मंडल होकर जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों को अयोध्या के रास्ते चलाया जाएगा। रेल प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर चेक कर लें।

    इन प्रमुख ट्रेनों का बदला गया मार्ग

    समस्तीपुर रेल मंडल के प्रवक्ता के अनुसार, इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य के चलते समस्तीपुर जंक्शन होकर गुजरने वाली निम्नलिखित ट्रेनों को उनके नियमित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग (वाया अयोध्या) से चलाया जाएगा:

    • 12565 बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस: 9 जुलाई को अपने बदले हुए मार्ग से चलेगी।
    • 15565 वैशाली एक्सप्रेस: 8 से 10 जुलाई तक परिवर्तित मार्ग से चलाई जाएगी।
    • 15566 वैशाली एक्सप्रेस: 8 जुलाई को बदले हुए रूट से संचालित होगी।
    • 14673 शहीद एक्सप्रेस: 8 व 9 जुलाई को वाया अयोध्या चलेगी।
    • 14674 शहीद एक्सप्रेस: 9 जुलाई को मार्ग परिवर्तित रहेगा।
    • 15651 गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस: 6 जुलाई को बदले रूट से चलेगी।
    • 15652 जम्मूतवी-गुवाहाटी एक्सप्रेस: 8 जुलाई को परिवर्तित मार्ग से जाएगी।
    • 15653 गुवाहाटी-जम्मूतवी एक्सप्रेस: 8 जुलाई को परिवर्तित मार्ग से चलेगी।
    • 15204 बरौनी-जम्मूतवी एक्सप्रेस: 9 जुलाई को बदले हुए रूट से चलेगी।
    • 15904 चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस: 8 जुलाई को डायवर्ट रहेगी।
    • 19623 मदार जंक्शन-दरभंगा अमृत भारत एक्सप्रेस: 3 जुलाई को परिवर्तित मार्ग से चलाई गई।
    • 12522 एर्नाकुलम-बरौनी एक्सप्रेस: 3 जुलाई को बदले रूट से चली।

    Bihar sampark kranti express

    40 ट्रेनें निरस्त, 53 के रूट डायवर्ट

    इस तकनीकी अपग्रेडेशन कार्य को सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रेनों को री-शेड्यूल और कैंसिल किया है। पूरे ब्लॉक अवधि के दौरान लगभग 40 ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी, जिनमें 16 एक्सप्रेस और 24 पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।

    प्रमुख रूप से गोरखपुर-ऐशबाग इंटरसिटी, नकहा जंगल-ऐशबाग और गोरखपुर-गोमतीनगर एक्सप्रेस जैसी व्यस्त ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। इसके अलावा कुल 53 ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है, जिन्हें बाराबंकी और अयोध्या कैंट के रास्ते निकाला जा रहा है। इस ब्लॉक का सीधा असर गोंडा, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के रेल यात्रियों पर पड़ रहा है।

    क्या है पूरी परियोजना?

    यह पूरा काम गोंडा-बुढ़वल रेलखंड (लगभग 92 किमी) पर बन रही तीसरी रेल लाइन परियोजना का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। गोंडा जंक्शन से गोंडा कचहरी रेलवे स्टेशन के बीच की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। इसी 5 किमी के हिस्से पर तीसरी रेल लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है।

    खबरें और भी

    अब इसे पुरानी लाइनों और सिग्नलों से जोड़ने (पैनल इंटरलॉकिंग) तथा अन्य तकनीकी आवश्यकताओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 10 जुलाई को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का अंतिम निरीक्षण और स्पीड ट्रायल होना तय हुआ है, जिसके बाद इसे परिचालन के लिए खोल दिया जाएगा।

    तीसरी लाइन चालू होने से फायदा

    गोंडा जंक्शन उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाला एक बहुत ही व्यस्त रेलवे हब है। गोंडा से कचहरी और आगे बुढ़वल तक तीसरी लाइन चालू हो जाने से उत्तर बिहार और दिल्ली-मुंबई की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को बड़ा फायदा मिलेगा:

    • लेटलतीफी से मुक्ति: अभी तक ट्रैक खाली न होने के कारण ट्रेनों को आउटर पर घंटों खड़ा रहना पड़ता था, तीसरी लाइन शुरू होने से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
    • लाइन कैपेसिटी में बढ़ोतरी: इस व्यस्त रूट पर भविष्य में और अधिक नई यात्री व मालगाड़ियां चलाने की क्षमता बढ़ जाएगी।
    • रफ्तार में सुधार: मालगाड़ियों और सुपरफास्ट यात्री ट्रेनों का ट्रैक अलग हो जाने से ट्रेनों का परिचालन सुगम और सुरक्षित होगा, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी।