बिहार में घर वापसी: ईसाई बन चुके 6 लोग सनातन में लौटे, परशुराम जयंती पर आयोजन
Religious Conversion Bihar: समस्तीपुर के उजियारपुर में परशुराम जयंती पर छह लोगों की 'घर वापसी' हुई, जो पहले धर्म परिवर्तन कर चुके थे। परोरिया पंचायत म ...और पढ़ें

समस्तीपुर के उजियारपुर में ईसाई बने लोगों को सनातन धर्म में वापसी कराते पंडित अविनाश झा। फोटो: जागरण

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संवाद सहयोगी, उजियारपुर (समस्तीपुर)। Ghar wapsi Samastipur: जिले के उजियारपुर प्रखंड में रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व में धर्म परिवर्तन कर चुके छह लोगों की पुनः सनातन धर्म में वापसी कराई गई।
यह आयोजन परोरिया पंचायत स्थित डीहवारनी स्थान परिसर में किया गया, जहां परशुराम जयंती भी धूमधाम से मनाई गई।
समारोह में कराई गई घर वापसी
कार्यक्रम में सुरती देवी, राजा कुमार, रंजीत कुमार, हरेराम साह, कृष्णा देवी और अनिता देवी को सम्मानित करते हुए पुनः सनातन धर्म में शामिल कराया गया। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी
इस आयोजन में पंचायत के मुखिया श्रीराम साह उर्फ मनोज कुमार और भाजपा मंडल अध्यक्ष पंडित अविनाश कुमार झा की उपस्थिति रही। पंडित अविनाश झा ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सभी को पुनः धर्म में शामिल कराया। इस दौरान भगवान श्रीराम का जयघोष किया गया।
परशुराम जयंती पर आयोजन
कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम जयंती भी मनाई गई। मौके पर उपस्थित लोगों ने धार्मिक नारों के साथ आयोजन में भाग लिया और सामूहिक रूप से उत्सव का माहौल बनाया।
धर्म परिवर्तन को लेकर आरोप
मुखिया ने दावा किया कि पंचायत के करीब एक दर्जन लोग पहले धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन करा रहे हैं और ग्रामीणों से ऐसे किसी भी लालच में नहीं पड़ने की अपील की।
पहले भी सामने आए हैं मामले
क्षेत्र में इससे पहले भी धर्म परिवर्तन और पुनः वापसी के मामले सामने आते रहे हैं। शुक्रवार को भी दो लोगों के धर्म परिवर्तन की चर्चा सामने आई थी।
राज्य में बहस का विषय बना मुद्दा
बिहार में हाल के वर्षों में धर्म परिवर्तन को लेकर लगातार बहस होती रही है। अलग-अलग जिलों से समय-समय पर इस तरह के आरोप सामने आते हैं, जिनमें प्रलोभन या सामाजिक कारणों को लेकर सवाल उठाए जाते हैं।
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दोनों पक्षों के अपने तर्क
जहां एक ओर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाते हैं, वहीं ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों का कहना है कि वे किसी पर दबाव नहीं डालते और लोग अपनी इच्छा से धार्मिक गतिविधियों में शामिल होते हैं।
संवेदनशील मुद्दे पर सतर्कता जरूरी
धर्म परिवर्तन और उससे जुड़े घटनाक्रम सामाजिक रूप से संवेदनशील विषय हैं। ऐसे मामलों में प्रशासनिक सतर्कता और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई जाती है, ताकि किसी भी प्रकार के विवाद या तनाव से बचा जा सके।