समस्तीपुर में जिस पुल पर आम लोगों की नो-एंट्री, उसी से गुजरा मंत्रियों का काफिला, 15 से खुलेगा रास्ता
समस्तीपुर में मरम्मत के कारण बंद पुल से मंत्रियों का काफिला गुजर गया, जबकि आम जनता को अभी भी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। पथ निर्माण मंत्री ने आश्वास ...और पढ़ें

पुल का निरीक्षण करते पथ निर्माण मंत्री व मौजूद अन्य। जागरण
HighLights
मरम्मत के लिए बंद पुल से मंत्रियों का काफिला गुजरा।
आम जनता को कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा।
पथ निर्माण मंत्री ने 15 अगस्त से पुल खोलने का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। पुल के बंद होने से पिछले कई दिनों से आम लोगों को कुछ मीटर की दूरी तय करने के लिए कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। उसी पुल पर रविवार को अचानक चहल-पहल बढ़ गई।
सड़क पर बैरिकेडिंग हटी, रास्ता साफ हुआ और पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई शैलेन्द्र कुमार और आपूर्ति मंत्री अशोक चौधरी समेत अन्य नेताओं का काफिला पुल पर पहुंच गया। देखते ही देखते मंत्री की गाड़ी समेत डेढ़ दर्जन से अधिक वाहनों का काफिला उस पुल से होकर गुजर गया।
यह वही पुल है, जिसे मरम्मत कार्य के कारण आम लोगों के लिए बंद रखा गया है। पुल बंद होने के कारण रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बाइक सवारों को एसडीओ कार्यालय से चीनी मिल चौक तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं चारपहिया वाहनों को करीब छह से सात किलोमीटर तक की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
रोजाना इस अतिरिक्त दूरी के कारण लोगों का समय और ईंधन दोनों खर्च हो रहा है। मंत्री का काफिला पुल पर पहुंचा तो आम लोगों की नजरें भी उसी ओर टिक गईं। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री पुल का जायजा लेंगे और मरम्मत कार्य की वास्तविक स्थिति को समझेंगे।
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मंत्री पुल पर उतरे भी, लेकिन कुछ कदम चलने के बाद वापस अपनी गाड़ी में सवार हो गए। इसके बाद उनका काफिला पुल पार कर गया।
मंत्री के साथ चल रही डेढ़ दर्जन से अधिक गाड़ियों के पुल से गुजरने के बाद लोगों के बीच यह चर्चा होने लगी कि जब पुल पर इतने वाहनों का काफिला गुजर सकता है तो आम लोगों को अभी भी इस रास्ते से गुजरने की अनुमति क्यों नहीं है।
कुछ कदम का निरीक्षण, कई किलोमीटर की जनता की परेशानी
पुल के बंद होने का दर्द उन लोगों से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, जिन्हें रोजाना इसी रास्ते से होकर अपने काम, दुकान, कार्यालय या बाजार तक पहुंचना पड़ता है।
कुछ मीटर की दूरी के लिए उन्हें कई किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है।बाइक से सफर करने वाले लोगों को भी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
चारपहिया वाहन चालकों की परेशानी तो और ज्यादा है। उन्हें छह से सात किलोमीटर तक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच यह अतिरिक्त दूरी उनकी जेब पर भी भारी पड़ रही है।
लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से रोजमर्रा की जिंदगी भी मुश्किल हो गई है। किसी को समय पर कार्यालय पहुंचना है तो किसी को बाजार, अस्पताल या जरूरी काम से शहर आना-जाना है। हर दिन वही लंबा रास्ता और वही जाम की चिंता लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
15 अगस्त से आमजनों के लिए खुलेगा पुल :
निरीक्षण के दौरान पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि मंत्री बनने के बाद वह पहली बार यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही थी।
अब मरम्मत का कार्य पूर्ण होने वाला है। 15 अगस्त से पुल को आमजनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। मंत्री के इस आश्वासन से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है।