Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    समस्तीपुर में शराब के धंधे में वर्चस्व की जंग ने कराए डबल मर्डर, दिल्ली-उत्तराखंड भागे चार इनामी बदमाश गिरफ्तार

    Updated: Sun, 19 Jul 2026 09:59 PM (IST)

    समस्तीपुर पुलिस ने नामापुर दोहरे हत्याकांड और अमित हत्याकांड में तीन इनामी सहित चार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां अवैध शराब कारोबार में ...और पढ़ें

    प्रेस वार्ता कर जानकारी देते एसपी व मौजूद एसडीपीओ व अन्य। जागरण

    प्रेस वार्ता कर जानकारी देते एसपी व मौजूद एसडीपीओ व अन्य। जागरण 

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर । शराब के अवैध धंधा से जुड़े दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने तीन इनामी बदमाश समेत चार को गिरफ्तार किया है। इसमें चकमहेसी थाना के नामापुर डबल मर्डर में पुलिस ने तीन को गिरफ्तार किया है।

    जबकि, एक बदमाश की गिरफ्तारी कल्याणपुर के अमित उर्फ फेकन की हत्या मामले में हुई है। नामापुर डबल मर्डर में इनामी बदमाश और नामजद कल्याणपुर थाना क्षेत्र के छेठ बखरी निवासी गुलाब राय, चकमेहसी निवासी मो. अहमद उर्फ बाबा तथा वैनी थाना क्षेत्र के रेपुरा निवासी शशि रंजन ठाकुर उर्फ गोलू ठाकुर के रूप में हुई है।

    जबकि, अमित हत्याकांड में पुलिस ने इनामी और गुलाब गैंग के सदस्य रहे मो इकबाल उर्फ भोला को गिरफ्तार किया है। एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने हाल ही में इन तीनों बदमाशों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

    नामापुर डबल मर्डर में छानबीन को गठित विशेष टीम और डीआईयू टीम लगातार बदमाशों की खोजबीन में जुटी थी। इन सभी की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी निगाह थी। इसी बीच पुलिस को इनके इलाके में होने की भनक लगी।

    टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी बदमाशों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान सभी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि नामापुर डबल मर्डर की घटना के पीछे की वजह शराब के अवैध कारोबार में लेन-देन और आपसी वर्चस्व का विवाद रहा। वहीं शराब के अवैध कारोबार की वजह से ही अमित की हत्या भी हुई।

    खबरें और भी

    उसमें भी गुलाब, इकबाल समेत अन्य की संलिप्तता रही। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इन सभी से गहन पूछताछ करेगी। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाया जा रहा कि यह सभी बदमाश यहां क्यों पहुंचे थे।

    इनकी मंशा क्या किसी आपराधिक घटना को फिर से अंजाम देने की रही या वे आत्मसमर्पण के लिए यहां पहुंचे थे। हर एक बिन्दु पर पुलिस सभी से गहराई से पूछताछ करेगी। उन्होंने बताया कि गुलाब और अहमद दोनों घटना को स्वयं अंजाम देने में शामिल रहे।

    दिल्ली और उत्तराखंड भाग निकले थे बदमाश

    पुलिस की मानें तो घटना के बाद सभी बदमाश अलग-अलग जगहों पर फरार हो गए थे। इसमें पुलिस को मुख्य रूप से दो राज्यों की जानकारी मिली है। इसमें दिल्ली और उत्तराखंड शामिल है।

    पुलिस उनके यहां आने की वजह की जांच में जुटी है। एसपी ने बताया कि घटना में पिस्टल का उपयोग किया गया है। गुलाब समेत गिरफ्तार तीनों बदमाश घटनास्थल पर मुस्तैद रहे।

    उन्होंने बताया कि घटनास्थल से मिले मैगजीन और कट्टा किसका है, इसकी अभी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभात चौधरी के साथ भी कुछ लोग मौजूद थे। यह उनके लोगों के भी हो सकते है। पुलिस इसकी गहन जांच पड़ताल कर रही है।

    हैप्पी हत्याकांड की वजह से प्रभात से हुई अहमद की अदावत

    चकमहेसी थाना के चकमहेसी गांव के शमशेर उर्फ हैपी के हत्याकांड से भी इस घटना के तार जुड़े है। बताया गया कि हैप्पी की हत्याकांड में प्रभात का नाम आया था। प्रभात की हत्याकांड में गिरफ्तार अहमद उसका चचेरा भाई है।

    एसपी ने बताया कि इसी हत्याकांड के बाद अहमद और प्रभात के बीच की अदावत बढ़ी थी। वहीं गुलाब और प्रभात वर्ष 2023 से पूर्व आपस में पार्टनर रहे। दोनों मिलकर मुजफ्फरपुर, दरभंगा और जिला के सीमावर्ती इलाके में शराब के अवैध धंधा का कारोबार करते रहे।

    कोर्ट परिसर में प्रभात पर हमला के बाद में दोनों के बीच अदावत शुरू हो गई। गुलाब और प्रभात दोनों इलाके में शराब के अवैध धंधा से जुड़े रहे। गुलाब की प्रभात से इसी लेन-देन के विवाद में अदावत हुई।

    जबकि, हैप्पी की हत्याकांड से उसका चचेरा भाई पहले से ही प्रभात के विरुद्ध था। इसी बीच प्रभात के गिरोह से जुड़े कुछ अन्य लोगों के साथ भी विवाद हुए। उन सभी की भी इस घटना में संलिप्त होने की शंका है।

    सभी का रहा है आपराधिक इतिहास

    आरोपित गुलाब राय पर 9 मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, मारपीट, सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाने और शराबबंदी कानून के तहत विभिन्न थानों में मामले दर्ज हैं। वहीं मो. अहमद उर्फ बाबा का आपराधिक रिकार्ड सबसे लंबा है। उसके खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज हैं।

    इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं। तीसरे आरोपी शशि रंजन ठाकुर उर्फ गोलू ठाकुर पर 3 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें आर्म्स एक्ट तथा बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज मामले शामिल हैं। जबकि, मो इकबाल पर हत्या समेत छह मामले दर्ज है।

    छापेमारी दल में रहे शामिल

    सदर एसडीपीओ टू संजय कुमार, प्रभारी डीआईयू शाखा कुणालचंद्र सिंह, चकमहेसी थानाध्यक्ष जितेंद्र सहनी, दरोगा अमित कुमार, शैलेंद्र कुमार, प्रिंस कुमार, पीटीसी जितेंद्र कुमार, राजेश कुमार, सिपाही कुंदन कुमार, संतोष कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।