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    जीविका दीदियों के लिए अवसर बनकर आया हर घर तिरंगा अभियान, समस्तीपुर में तैयार होंगे 80 हजार झंडे

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 03:56 PM (IST)

    Har Ghar Tiranga Abhiyan: समस्तीपुर में हर घर तिरंगा अभियान जीविका दीदियों के लिए स्वरोजगार का माध्यम बन गया है। वे 80 हजार से अधिक तिरंगे झंडे बनाकर ...और पढ़ें

    हर घर तिरंगा अभियान ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा। फोटो: जीविका

    हर घर तिरंगा अभियान ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा। फोटो: जीविका

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    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Jeevika Didi: स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर समस्तीपुर जिले में हर घर तिरंगा अभियान ने पूरी तरह से जोर पकड़ लिया है।

    इस राष्ट्रीय अभियान ने जहां एक ओर लोगों में देशप्रेम की भावना को मजबूत किया है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं के लिए यह वरदान साबित हो रहा है।

    जिले की जीविका दीदियां इन दिनों बड़े पैमाने पर तिरंगे झंडों के निर्माण में जुटी हैं, जिससे उनकी आय और स्वरोजगार के नए द्वार खुल गए हैं।

    मिले 80 हजार आर्डर

    विभिन्न सरकारी विभागों, औद्योगिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और आम नागरिकों की ओर से जीविका दीदियों को 80 हजार से अधिक तिरंगे झंडों के आर्डर प्राप्त हुए हैं।

    इन झंडों की उच्च गुणवत्ता और सुलभता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक झंडे की कीमत मात्र 25 रुपये तय की गई है। भारी मांग को समय पर पूरा करने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में संचालित सिलाई केंद्रों और घरों में 1600 से अधिक जीविका दीदियां दिन-रात काम कर रही हैं।

    उत्सव का माहौल

    महिलाओं का यह समूह निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण झंडों का निर्माण कर संबंधित विभागों तक उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटा है।

    जीविका से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर आर्डर मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खासी मजबूत हो रही है। उन्होंने समयबद्ध तरीके से उच्च गुणवत्ता वाले झंडे तैयार कर इस राष्ट्रीय अभियान को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया है।

    आत्मनिर्भरता की राह

    जीविका के जिला सूचना प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए जा रहे इन तिरंगे झंडों ने अभियान को एक नई गति दी है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए महिला उद्यमिता, आय सृजन और आर्थिक सशक्तीकरण का एक बेहद प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है।

    उन्होंने विश्वास जताया कि दीदियों की मेहनत और कार्य कुशलता के कारण संस्थानों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में रोजगार के और नए अवसर मिलेंगे।

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