समस्तीपुर में सामाजिक सुरक्षा योजना में रिश्वतखोरी का खुलासा, डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन गिरफ्तार
समस्तीपुर में बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना में रिश्वतखोरी का खुलासा हुआ है। पटोरी अनुमंडल प्रशासन ने डाटा एंट्री ऑ ...और पढ़ें

श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कार्यालय से डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
सामाजिक सुरक्षा योजना में रिश्वतखोरी का हुआ खुलासा।
डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन लोग गिरफ्तार किए गए।
लाभुक से 50 हजार रुपये के लिए रिश्वत मांगी गई।
जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। Samastipur Bribery Case: समस्तीपुर में बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत लाभुक से रिश्वत लेने के आरोप में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
पटोरी अनुमंडल प्रशासन की छापेमारी में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कार्यालय से डाटा एंट्री ऑपरेटर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मामला लगुनिया निवासी प्रखंड दिव्यांग संघ के अध्यक्ष संजीव कुमार की शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके बड़े भाई की मृत्यु के बाद उनकी मूक-बधिर भाभी चमेली देवी को योजना के तहत स्वीकृत 50 हजार रुपये दिलाने के एवज में रिश्वत मांगी गई।
आरोप है कि डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार ने पहले साइबर कैफे संचालक के खाते में स्कैनर के माध्यम से 5 हजार रुपये जमा कराए और बाद में 10 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करता रहा।
संजीव कुमार ने रिश्वत मांगने का वीडियो तैयार कर पटोरी के एसडीओ सहित संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराया। शिकायत की जांच के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।
एसडीओ विकास कुमार पांडेय के नेतृत्व में निर्वाची अधिकारी राजीव कुमार, बीडीओ कुमुद रंजन, सीओ अभिषेक कुमार सिंह और अपर थानाध्यक्ष अंशु सिंह की टीम ने श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी कार्यालय में छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान डाटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार के साथ कार्यालय से जुड़े दो कथित दलालों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अरैया निवासी संजय राय और भौआ निवासी सकलदीप दास के रूप में हुई है।
कार्रवाई के दौरान एक कथित दलाल के पास से ऐसी सूची भी बरामद हुई, जिसमें करीब 50 लाभुकों से रिश्वत लेने का उल्लेख होने की बात सामने आई है।
प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि कथित रिश्वत की राशि साइबर कैफे के माध्यम से किस प्रकार जमा कराई गई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की भूमिका क्या रही। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।