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    2 करोड़ की लागत से समस्तीपुर बनेगा हाईटेक, 33 स्थानों पर 200 कैमरों से अपराधियों पर रहेगी नजर

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 04:35 PM (IST)

    Samastipur City Smart Security Project: समस्तीपुर नगर निगम क्षेत्र में 2 करोड़ की लागत से 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा व् ...और पढ़ें

    समस्तीपुर के बहादुरपुर में सीसीटीवी पोल के लिए खोदे गए गड्ढे। फोटो जागरण

    समस्तीपुर के बहादुरपुर में सीसीटीवी पोल के लिए खोदे गए गड्ढे। फोटो जागरण 

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    संक्षेप में पढ़ें

    अभिनव कुमार, समस्तीपुर। Samastipur Municipal Corporation CCTV News: नगर निगम क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली पर काम शुरू हो चुका है।

    करीब दो करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, व्यस्त रास्तों और सार्वजनिक स्थानों पर 200 से अधिक अत्याधुनिक कैमरे लगाए जाएंगे।

    निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित एजेंसी ने पोल लगाने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

    33 स्थानों पर पोल स्थापना

    पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कुल 33 स्थानों का चयन कर कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है।

    इनमें से 28 प्रमुख स्थानों की पहचान कर अंतिम रूप दिया जा चुका है, जबकि शेष स्थानों की चयन प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। इस पहल से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर एक नई उम्मीद जगी है।

    तीन तरह के आधुनिक कैमरे

    प्रत्येक चिह्नित स्थान पर बेहतर निगरानी के उद्देश्य से तीन अलग-अलग प्रकार के अत्याधुनिक कैमरे स्थापित किए जा रहे हैं।

    इनमें सामान्य निगरानी कैमरे, 360 डिग्री घूमने वाले मूवेबल कैमरे और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे शामिल हैं। एनपीआर कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट स्वतः पढ़कर उनका पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में सक्षम होंगे।

    वाहनों की ट्रैकिंग होगी आसान

    इन कैमरों से वाहनों के शहर में प्रवेश, गुजरने वाले मार्गों और निकास दिशा की पूरी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। किसी भी आपराधिक घटना के बाद संदिग्ध वाहनों की पहचान और आवाजाही की रिपोर्ट पुलिस को मिनटों में मिल जाएगी।

    इससे पुलिस जांच की पूरी प्रक्रिया काफी तेज और सुगम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

    उत्पाद थाने में कंट्रोल रूम

    शहर भर में लगे कैमरों की चौबीसों घंटे निगरानी के लिए उत्पाद थाना परिसर में एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। लाइव फुटेज बिना किसी रुकावट के लगातार मिलती रहे, इसके लिए सभी कैमरों को फाइबर ऑप्टिक केबल से जोड़ा जाएगा।

    पुलिसकर्मी इस निगरानी कक्ष से शहर की हर गतिविधि पर सीधी नजर बनाए रखेंगे।

    त्रिस्तरीय पावर सप्लाई सिस्टम

    परियोजना में कैमरों के निर्बाध संचालन के लिए त्रिस्तरीय पावर बैकअप की विशेष व्यवस्था की गई है। सामान्य बिजली सप्लाई ठप होने पर आठ घंटे बैकअप देने वाली बैटरियां खुद ही चालू हो जाएंगी। इसके अलावा लंबे समय तक बिजली न रहने पर भी कैमरे चलते रहें, इसके लिए सोलर ऊर्जा का प्रबंध किया गया है।

    अपराध नियंत्रण में मिलेगी मदद

    यह स्मार्ट निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद चोरी, लूट, छिनतई और सड़क हादसों में पुलिस को त्वरित साक्ष्य मिलेंगे। इसके साथ ही यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने और जाम से निपटने में भी यह तकनीकी ढांचा कारगर साबित होगा।

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    कुल मिलाकर यह पूरी योजना अपराधियों पर नकेल कसने में बेहद मददगार सिद्ध होगी।

    आधुनिक सीसीटीवी निगरानी प्रणाली स्थापित होने से शहर की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। परियोजना के तहत प्रमुख चौक-चौराहों और महत्वपूर्ण स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरे लगाए जा रहे, जिनकी निगरानी 24 घंटे कंट्रोल रूम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि नंबर प्लेट रिकग्निशन (एनपीआर) कैमरों सहित आधुनिक तकनीक का उपयोग अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई में काफी सहायक होगा। कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तेजी से कराया जा रहा है, ताकि निर्धारित समय के भीतर योजना पूरी कर इसे आम लोगों के लिए उपयोगी बनाया जा सके। इससे पुलिस को यातायात नियंत्रित करने और अपराध की रोकथाम व अनुसंधान में महत्वपूर्ण तकनीकी सहायता मिलेगी।

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    ज्ञान प्रकाश, नगर आयुक्त