शराब मामले में समस्तीपुर जेल में बंद कैदी की मौत, परिजनों ने उठाये सवाल; 31 मई को हुई थी गिरफ्तारी
समस्तीपुर मंडल कारा में अवैध शराब मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी सुधीर कुमार उर्फ बाबा की इलाज के दौरान मौत हो गई। ...और पढ़ें
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अस्पताल में रोते बिलखते स्वजन

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जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। मंडल कारा में विचाराधीन एक बंदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के स्वजनों में कोहराम मच गया है। मृतक की पहचान जिले के हलई थाना क्षेत्र अंतर्गत वाजितपुर करनैल वार्ड संख्या 01 निवासी स्वर्गीय बटोही महतो के पुत्र सुधीर कुमार उर्फ बाबा (28) के रूप में की गई है।
जानकारी के अनुसार, अवैध शराब से जुड़े एक मामले में उत्पाद विभाग की टीम ने सुधीर को तीन दिन पूर्व गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत हिरासत में रखा। बाद उसे न्यायालय ने जेल भेज दिया। कारा पहुंचते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। जहां से उपचार के बाद उसे पुनः जेल लाया गया। जेल चिकित्सक उसका उपचार जारी रखें थे।
इसी बीच मंगलवार की शाम उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। तबीयत खराब होने पर जेल प्रशासन ने उसे इलाज के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जाता है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी स्थिति गंभीर बनी रही।

(मृतक की फाइल फोटो। सौजन्य : स्वजन)
चिकित्सकों द्वारा लगातार उपचार किए जाने के बावजूद उसकी मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही स्वजन सदर अस्पताल पहुंच गए, जहां रोते-बिलखते सभी का बुरा हाल था। परिवार के सदस्यों ने युवक की मौत को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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घटना की खबर फैलते ही मृतक के गांव वाजितपुर करनैल में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीण और रिश्तेदार सदर अस्पताल पहुंचे। सभी स्वजनों को सांत्वना देने में जुटे रहे। सभी ने सदर अस्पताल में उत्पाद टीम के प्रति नाराजगी जताते हुए जमकर बवाल काटा है। पुलिस नेक्षशव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया कराने में जुटी है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।
स्वजनों ने अस्पताल में उत्पाद टीम पर कई तरह के आरोप लगाते हुए निष्पक्षता से जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुधीर को टीम ने जब गिरफ्तार किया तो वह पूरी तरह स्वस्थ था और गिरफ्तारी के बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली।
उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। इधर, जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार ओझा ने कहा कि कारा में आने बाद से ही उसकी तबीयत बिगड़ी हुई थी।
उसका उपचार सदर अस्पताल और जेल चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था। इसी बीच उसकी तबीयत अधिक बिगड़ गई। उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी मौत हो गई है।
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