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    Bihar News : नशे की तस्करी का नया रूट बना पटोरी? रेल मार्ग से पहुंच रही हेरोइन और गांजा की खेप

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 02:03 PM (IST)

    शाहपुर पटोरी अनुमंडल में मादक पदार्थों की तस्करी चिंताजनक रूप से बढ़ रही है, जहां नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों से हेरोइन व गांजा लाया जा रहा है। पुलिस ...और पढ़ें

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

    HighLights

    1. शाहपुर पटोरी में मादक पदार्थों की तस्करी में वृद्धि।

    2. नेपाल और पूर्वोत्तर राज्यों से हो रही हेरोइन, गांजा की सप्लाई।

    3. पुलिस अंतरराज्यीय तस्कर गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ने में जुटी।

    दीपक प्रकाश, शाहपुर पटोरी (समस्तीपुर)। शाहपुर पटोरी अनुमंडल क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है, जो पुलिस और आम नागरिकों के लिए गहरी चिंता का विषय बन रही है।

    हालिया छापों और बरामदगी के बाद यह खुलासा हुआ है कि तस्करों द्वारा नेपाल के साथ-साथ पूर्वोत्तर और अन्य राज्यों के रास्ते भारी मात्रा में हेरोइन और गांजा इस क्षेत्र में लाया जा रहा है।

    तस्करों का नया 'सेफ जोन' बना पटोरी

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, पटोरी अनुमंडल तस्करों के लिए एक सुरक्षित ठिकाना (सेफ जोन) साबित हो रहा है। इस वर्ष अब तक अनुमंडल क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कई सफल छापेमारी की जा चुकी हैं, जिनमें भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध कारोबार में कई अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह सक्रिय रूप से शामिल हैं, जिनके नेटवर्क दूर-दूर तक फैले हुए हैं।

    रेल मार्ग और महिला तस्करों का इस्तेमाल

    तस्कर सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए मुख्य रूप से रेल मार्ग का उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, इस धंधे में महिलाओं की सहभागिता भी काफी अधिक देखी जा रही है, जो पहले भी विभिन्न अवैध गतिविधियों में संलिप्त पाई जाती रही हैं।

    भौगोलिक स्थिति का फायदा उठा रहे अपराधी

    भौगोलिक बनावट के लिहाज से शाहपुर पटोरी का क्षेत्र अपराधियों के लिए हमेशा से मुफीद माना जाता रहा है। पटोरी अनुमंडल की सीमाएं वैशाली, पटना और बेगूसराय जिलों से जुड़ी हुई हैं। इसके अलावा, गंगा नदी के किनारे बसे होने के कारण अपराधी पटना, बाढ़ और बख्तियारपुर जैसे पड़ोसी क्षेत्रों से आसानी से यहां पनाह लेते रहे हैं। पुलिस की दबिश बढ़ने पर अपराधी गंगा नदी पार कर दूसरे जिलों में आसानी से फरार हो जाते हैं।

    इस वर्ष बरामदगी के प्रमुख मामले

    • 2 मार्च : धमौन से हेरोइन के 450 कैप्सूल बरामद।
    • 21 मार्च: रेलवे स्टेशन से लगभग 3 डिब्बा हेरोइन (कीमत करीब 10 लाख रुपये) जब्त।
    • 14 अप्रैल और 4 अगस्त: मोहिउद्दीननगर में हेरोइन के कैप्सूल और पाउडर की बरामदगी।
    • 4 अगस्त : पटोरी थाना क्षेत्र के नंदनी लगुनिया फोरलेन से 5 डिब्बा हेरोइन पाउडर बरामद (कीमत लगभग 12.5 लाख रुपये)।
    • 9 अगस्त: अशरफपुर सुपौल से भारी मात्रा में गांजा और हेरोइन की बरामदगी।

    पुलिस इन तमाम मामलों और तस्करों के अंतराज्यीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए गहन छानबीन कर रही है। कई मामले पकड़ में भी आए हैं। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस गहन छानबीन कर रही है।
    बिरेंद्र मेधावी, डीएसपी, पटोरी

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