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    पिता के संघर्ष का इनाम बने वैभव सूर्यवंशी, बिहार में एक ही चर्चा, मुकाबला शुरू होते ही बढ़ जाती धड़कनें

    Updated: Thu, 21 May 2026 04:34 PM (IST)

    Bihar Cricket Talent : बिहार के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी अपने विस्फोटक खेल से क्रिकेट जगत में धूम मचा रहे हैं और छक्के लगाने में क्रिस गेल के रिकॉर्ड ...और पढ़ें

    Vaibhav Suryavanshi : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    Vaibhav Suryavanshi : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)

    HighLights

    1. 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच रहे हैं।

    2. छक्के लगाने में क्रिस गेल के रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहे हैं।

    3. पिता के संघर्ष का परिणाम, भारतीय टीम में मौका मिलने की उम्मीद।

    धर्मेन्द्र कुमार सिंह, समस्तीपुर। Bihar Rising Star : बिहार में समस्तीपुर का 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी इन दिनों अपने विस्फोटक खेल से हर किसी का ध्यान खींच रहा है।

    छोटी उम्र में जिस अंदाज में वह चौके-छक्के बरसा रहे हैं, उसे देखकर क्रिकेट जगत के बड़े-बड़े खिलाड़ी भी हैरान हैं। छक्के लगाने के मामले में वैभव अब दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में गिने जाने वाले क्रिस गेल के रिकॉर्ड के करीब पहुंचते नजर आ रहे हैं।

    वैभव की सफलता से गांव में खुशी की लहर

    जैसे-जैसे वैभव का नाम चमक रहा है, वैसे-वैसे उनके गांव में भी गर्व और खुशी का माहौल बढ़ता जा रहा है। समस्तीपुर स्थित उनके पुश्तैनी घर को नया रूप दिया जा रहा है। घर की मरम्मत तेजी से चल रही है और परिवार के साथ गांव वाले भी इस पल को उत्सव की तरह देख रहे हैं।

    बचपन से ही जीतने की थी जिद

    वैभव को क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग देने वाले कोच बृजेश झा बताते हैं कि वह बचपन से ही अलग सोच वाले खिलाड़ी है। मैदान पर उन्हें जो लक्ष्य दिया जाता, उसे पूरा किए बिना चैन नहीं मिलता था। यही जिद और मेहनत आज उन्हें बड़े मंच तक लेकर आई है।

    पिता के संघर्ष का मिला बड़ा इनाम

    वैभव की सफलता के पीछे उनके पिता संजीव सूर्यवंशी की वर्षों की मेहनत और त्याग भी छिपा है। बेटे के क्रिकेट सपने को पूरा करने के लिए परिवार ने कठिन हालात में भी कभी हिम्मत नहीं हारी। आज वैभव का बल्ला उसी संघर्ष की कहानी बयां कर रहा है।

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    राजस्थान की टीम का मुकाबला मतलब वैभव का इंतजार

    अब हालात ऐसे हैं कि गांव में जब भी राजस्थाल रायल का मुकाबला होता है, लोग अपने सारे काम छोड़कर टीवी के सामने बैठ जाते हैं। सभी की नजर सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी पर रहती है।

    भारतीय टीम में मिले मौका

    समस्तीपुर जिले के ताजपुर के रमेश कुमार, मिथिलेश पासवान, अखिलेश सूर्यवंशी, धनंजय कुमार और रत्नेश कुमार का कहना है कि वैभव अब सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे देश की उम्मीद बन चुके हैं। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही वह भारतीय टीम की जर्सी में भी नजर आएंगे।