Bihar Bhumi: सरकारी भूमि की अवैध जमाबंदी पर बिहार सरकार की बड़ी कार्रवाई, 1 हफ्ते में होगा एक्शन
सरकार ने सरकारी भूमि की अवैध जमाबंदी रद करने का कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश पर मशरक अंचलाधिकारी ने सभी राजस्व कर्मचारिय ...और पढ़ें

HighLights
अवैध सरकारी भूमि जमाबंदी रद करने का अभियान शुरू।
मशरक अंचलाधिकारी ने राजस्व कर्मचारियों को दिए निर्देश।
एक सप्ताह में रद्दीकरण प्रस्ताव जमा करना अनिवार्य।
संवाद सूत्र, मशरक (सारण)। सरकारी भूमि को अतिक्रमण और अवैध हस्तांतरण से मुक्त कराने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। पूर्व में जिन सरकारी जमीनों की गलत, संदिग्ध अथवा अवैध तरीके से जमाबंदी कायम कर दी गई है, उन्हें अब चरणबद्ध तरीके से रद किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को समय-सीमा के दायरे में बांधते हुए वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा करने का निर्देश दिया गया है।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, पटना के प्रधान सचिव के पत्र के आलोक में यह कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मशरक अंचल के अंचलाधिकारी सुमंत कुमार ने सभी राजस्व कर्मचारियों और अंचल अमीनों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि बिहार सरकार की जिस “लोक भूमि” की गलत या अवैध रूप से जमाबंदी कर दी गई है, उसे अविलंब चिह्नित किया जाए।
जारी आदेश के अनुसार, संबंधित कर्मचारी और अंचल अमीनों को ऐसी सभी जमाबंदियों का विस्तृत विवरण तैयार करना होगा। इसके साथ ही संबंधित राजस्व अधिकारी का स्पष्ट मंतव्य अंकित करते हुए रद्दीकरण का प्रस्ताव बनाना अनिवार्य किया गया है। यह प्रस्ताव एक सप्ताह के भीतर तैयार कर अगले दस दिनों के अंदर अंचलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना सुनिश्चित करना होगा।
विभाग ने इस अभियान को “अति आवश्यक” श्रेणी में रखते हुए गंभीरता से लागू करने का निर्देश दिया है। अंचलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर अवैध या गलत तरीके से कायम जमाबंदी के रदीकरण का प्रस्ताव प्राप्त नहीं होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित राजस्व कर्मचारी और अंचल अमीन की मानी जाएगी। ऐसे मामलों में दोषी कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।