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    बिहार-UP के 7 जिलों को जोड़ने वाली 378 KM रेल लाइन पर काम तेज, सारण में बनेगा 49 KM नया ट्रैक

    Updated: Sat, 23 May 2026 09:05 PM (IST)

    Bihar-UP 378 KM Rail Line Project: सारण में गोण्डा कचहरी से गोल्डेनगंज तक प्रस्तावित तीसरी-चौथी रेलवे लाइन परियोजना पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। यह 378 किम ...और पढ़ें

    डीएम ने संयुक्त सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने का दिया निर्देश

    डीएम ने संयुक्त सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने का दिया निर्देश

    HighLights

    1. सारण में 378 किमी रेल लाइन परियोजना पर बैठक हुई।

    2. बिहार-यूपी के 7 जिलों को जोड़ेगी यह महत्वाकांक्षी परियोजना।

    3. सारण जिले में 49 किलोमीटर नया रेल ट्रैक प्रस्तावित है।

    जागरण संवाददाता, छपरा(सारण)। गोण्डा कचहरी से गोल्डेनगंज तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेलवे लाइन परियोजना को लेकर शनिवार को समाहर्ता कक्ष में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

    बैठक की अध्यक्षता सारण के जिलाधिकारी Vaibhav Srivastava ने की। बैठक में रेलवे, एनएचएआई, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

    378 किलोमीटर लंबी परियोजना से सात जिले होंगे कनेक्ट

    रेलवे अधिकारियों ने बैठक में परियोजना के प्रस्तावित एलाइनमेंट और प्रारंभिक खाके की जानकारी दी।

    अधिकारियों के अनुसार 378.742 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल परियोजना उत्तर प्रदेश और बिहार के कुल सात जिलों को जोड़ेगी। इसमें यूपी के पांच जिलों के साथ बिहार के सारण और सिवान जिले शामिल हैं।

    सारण जिले में बनेगा 49 किलोमीटर नया रेल ट्रैक

    परियोजना के तहत सारण जिले में करीब 49 किलोमीटर लंबा नया रेल ट्रैक प्रस्तावित किया गया है।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नई लाइन बनने से ट्रेनों की आवाजाही क्षमता बढ़ेगी और यात्री तथा माल परिवहन दोनों को बड़ा फायदा मिलेगा।

    कई पुल और अंडरब्रिज निर्माण का प्रस्ताव

    इस परियोजना के तहत 16 रोड अंडर ब्रिज, 14 बड़े पुल, 93 छोटे पुल और एक रेल ओवर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है।

    इसके अलावा विभिन्न नदियों, नहरों और लेवल क्रॉसिंग पर जरूरी संरचनाएं विकसित करने की भी योजना बनाई गई है।

    कोपा से गोल्डेनगंज तक बाईपास लाइन पर भी चर्चा

    बैठक में चैनवा से गोल्डेनगंज तक रेल लाइन विस्तार के लिए नए भू-अर्जन की आवश्यकता पर चर्चा हुई।

    वहीं घनी आबादी और तकनीकी बाधाओं से बचने के लिए कोपा से गोल्डेनगंज तक वैकल्पिक बाईपास लाइन विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया।

    डीएम ने संयुक्त सर्वे और रिपोर्ट तैयार करने का दिया निर्देश

    जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और संबंधित तकनीकी विभागों को रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से एलाइनमेंट का भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया।

    साथ ही संभावित आरओबी और आरयूबी स्थलों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया।

    सड़क, बिजली और सिंचाई ढांचे पर न्यूनतम असर का निर्देश

    डीएम ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि परियोजना के दौरान सड़क, बिजली और सिंचाई संरचनाओं पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित किया जाए।

    प्रशासन का लक्ष्य है कि परियोजना तेजी से आगे बढ़े और क्षेत्र में बेहतर रेल कनेक्टिविटी का लाभ लोगों को जल्द मिल सके।

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