मजदूर की बेटी राशि कुमारी बनी Gold Medalist, इतिहास में हासिल की बड़ी सफलता
डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में दिघवारा की राशि कुमारी ने इतिहास (एमए) में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता। ...और पढ़ें

डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह
संवाद सूत्र, दिघवारा(सारण)। Dr. C. V. Raman University में प्रथम दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में प्रखंड के गोरांईपुर निवासी छात्रा राशि कुमारी ने अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा।
मास्टर ऑफ आर्ट्स (इतिहास) में सर्वोच्च अंक लाकर उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया।
इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय और अपने परिवार का नाम रोशन किया।
इतिहास विषय में हासिल किया सर्वोच्च स्थान
राशि कुमारी ने इतिहास विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने सभी छात्रों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें यह मुकाम दिलाया। यह सफलता उनके वर्षों की निरंतर पढ़ाई का परिणाम है।
कुलाधिपति ने किया सम्मानित
दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति Arvind Chaturvedi ने राशि को मेडल और डिग्री प्रदान की।
सम्मान के दौरान पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। राशि की उपलब्धि को सभी ने सराहा।
यह पल उनके जीवन का यादगार क्षण बन गया।
मुख्य अतिथियों ने दी शुभकामनाएं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में Ramkripal Yadav मौजूद रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि Narendra Narayan Yadav भी उपस्थित थे।
दोनों अतिथियों ने राशि को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया।
संघर्ष भरी पृष्ठभूमि से मिली सफलता
राशि कुमारी के पिता Rakesh Singh एक निजी कंपनी में मजदूरी करते हैं। माता बेबी सिंह गृहिणी हैं और परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद राशि ने पढ़ाई में कभी समझौता नहीं किया। उनकी सफलता मेहनत और संघर्ष की मिसाल बन गई है।
गांव और परिवार में खुशी का माहौल
राशि की इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिवार के लोग अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने भी राशि को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उनकी सफलता से अन्य छात्र-छात्राओं को भी प्रेरणा मिल रही है।
बेटियों के लिए बनी प्रेरणा
राशि कुमारी की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने साबित कर दिया कि संसाधनों की कमी सफलता में बाधा नहीं बनती। उनकी कहानी खासकर बेटियों के लिए प्रेरणादायक है।
अब वह आगे और ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में जुटी हैं।