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    '1 कमरे में 2 लड़कियां कैसे रहेंगी?', छपरा LNJPIT में छात्राओं का हंगामा; आधी रात पहुंची पुलिस

    By Amritesh KumarEdited By: Rajat Mourya
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 03:18 PM (GMT+05:30)

    एलएनजेपीआईटी, छपरा के छात्रावास में एक बिस्तर वाले कमरों में दो छात्राओं को रखने के फैसले पर विवाद गहरा गया है, जिसके विरोध में छात्राओं ने प्रदर्शन क ...और पढ़ें

    HighLights

    1. एक कमरे में दो छात्राओं को रखने पर विरोध।

    2. छात्राओं ने जर्जर फर्नीचर और जगह की कमी बताई।

    3. एक छात्रा तनाव में बेहोश हुई, पुलिस पहुंची।

    जागरण संवाददाता, छपरा। लोकनायक जयप्रकाश प्रौद्योगिकी संस्थान (एलएनजेपीआईटी) के पुराने छात्रा छात्रावास में एक बिस्तर वाले कमरों में दो-दो छात्राओं को रखने के निर्णय को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मुद्दे पर रविवार रात छात्रावास में छात्राओं ने जमकर विरोध किया। उनका आरोप है कि एक छात्रा के लिए आवंटित छोटे कमरों में दूसरी छात्रा को जबरन रखा जा रहा है।

    एक छात्रा के लिए बने हैं कमरे:

    तृतीय वर्ष की छात्राओं का कहना है कि छात्रावास के कई कमरे शुरू से एकल आवास के रूप में आवंटित किए गए थे। कमरों में एक ही बिस्तर की व्यवस्था है और जगह भी सीमित है। ऐसे में दो छात्राओं को एक साथ रखने से रहने, पढ़ने और दैनिक कार्य करने में परेशानी होगी। छात्राओं का कहना है कि कमरों का आकार दो लोगों के लिए उपयुक्त नहीं है।

    रात में शुरू हुई शिफ्टिंग, बढ़ा विरोध:

    छात्राओं के अनुसार, रविवार रात नई नामांकित छात्राओं को पुराने छात्रावास के कमरों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान विरोध तेज हो गया। छात्राओं का आरोप है कि उनकी आपत्तियों के बावजूद कमरों में अतिरिक्त छात्राओं को रखने की कोशिश की गई।

    उनका कहना है कि प्राचार्य के ड्राइवर भी छात्रावास में प्रवेश कर गए थे। इससे छात्रावास में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और देर रात तक हंगामा होता रहा।

    तनाव में छात्रा हुई बेहोश:

    विरोध और अफरा-तफरी के बीच एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। छात्राओं का दावा है कि मानसिक तनाव के कारण वह बेहोश हो गई। इसके बाद उसे सदर अस्पताल ले जाया गया।

    घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस भी छात्रावास पहुंची और मामले की जानकारी ली। छात्राओं ने पूरी घटना का वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर साझा किया है।

    जर्जर फर्नीचर पर भी उठे सवाल:

    छात्राओं ने छात्रावास की सुविधाओं पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई कमरों में फर्नीचर टूटा हुआ है और लकड़ी में दीमक लगी है। ऐसे कमरों में अतिरिक्त छात्राओं को रखना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि सीमित जगह में दो छात्राओं के रहने से स्वास्थ्य, सुरक्षा और पढ़ाई तीनों प्रभावित होंगी।

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    विश्वविद्यालय प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग:

    छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि कमरा आवंटन से पहले वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए और एक बिस्तर वाले कमरों में दो छात्राओं को रखने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। छात्राओं ने सुरक्षित और सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।