सारण में 182 लिपिकों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का नया आदेश जारी, कई कार्यालयों में बदली जिम्मेदारियां
सारण जिलाधिकारी ने 182 लिपिकों के स्थानांतरण और पदस्थापन का नया आदेश जारी किया है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना और कार्यभार को संतुलित करना ...और पढ़ें
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HighLights
सारण में 182 लिपिकों के स्थानांतरण का नया आदेश जारी।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कार्यभार संतुलित करने का उद्देश्य।
सभी स्थानांतरित कर्मियों को 17 जुलाई तक कार्यमुक्त करने का निर्देश।
जागरण संवाददाता, छपरा। सारण जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने लिपिकीय कर्मियों के स्थानांतरण और पदस्थापन से संबंधित पूर्व आदेशों में आंशिक संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है।
संशोधित आदेश के तहत समाहरणालय एवं जिले के विभिन्न अधीनस्थ कार्यालयों में कार्यरत 182 लिपिकों की तैनाती में बदलाव किया गया है। यह निर्णय पूर्व में 29 जून और 30 जून को जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में लिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंड, अंचल, अनुमंडल कार्यालयों तथा समाहरणालय की विभिन्न शाखाओं में कार्यरत कर्मियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कार्यालय में बदलाव
प्रशासनिक आवश्यकताओं और कार्यों के बेहतर निष्पादन को ध्यान में रखते हुए कई कर्मचारियों का एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरण किया गया है। इससे विभिन्न विभागों में कार्य संतुलन स्थापित होने और लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
संशोधित सूची में बनियापुर, सदर छपरा, गरखा, मशरक, अमनौर, परसा, मढ़ौरा, इसुआपुर, एकमा, जलालपुर और दरियापुर समेत कई प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में बड़ी संख्या में लिपिकों की नई तैनाती की गई है।
इसके अलावा जिला राजस्व शाखा, स्थापना शाखा, सामान्य शाखा, विकास शाखा और आपूर्ति विभाग से जुड़े विभिन्न पटलों पर भी कर्मियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।
सदर छपरा, मढ़ौरा और सोनपुर अनुमंडल कार्यालयों के अलावा जिला भू-अर्जन कार्यालय, कोषागार शाखा, नजारत, विधि शाखा, सामाजिक सुरक्षा कोषांग तथा डीसीएलआर कार्यालयों में भी कई लिपिकों का पदस्थापन संशोधित किया गया है।
कार्यभार को संतुलित करना उद्येश्य
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल का उद्देश्य विभिन्न कार्यालयों में कार्यभार का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित नियंत्री पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्थानांतरित कर्मियों से विधिवत प्रभार का आदान-प्रदान कराते हुए उन्हें 17 जुलाई तक अनिवार्य रूप से कार्यमुक्त किया जाए।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्यमुक्त नहीं होने पर संबंधित कर्मी स्वतः विरमित माने जाएंगे और उन्हें नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना होगा।
एक साथ बड़ी संख्या में लिपिकों के संशोधित पदस्थापन आदेश जारी होने के बाद जिला प्रशासनिक महकमे में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। इसे प्रशासनिक कार्यों को अधिक सुचारू और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।