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    सारण में PM आवास योजना की रफ्तार धीमी, तीसरी किस्त मिलने के बाद भी अधूरे 6358 मकान

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 01:08 PM (IST)

    सारण जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना की प्रगति धीमी है, जहाँ तीसरी किस्त मिलने के बावजूद 6,358 मकान अधूरे पड़े हैं। ...और पढ़ें

    तरैया की कांति देवी का अधूरा पड़ा आवास निर्माण। फोटो जागरण

    तरैया की कांति देवी का अधूरा पड़ा आवास निर्माण। फोटो जागरण

    HighLights

    1. सारण में 6,358 पीएम आवास तीसरी किस्त के बाद भी अधूरे।

    2. जिला पूर्णता दर 77.42% रही, मांझी प्रखंड सबसे कमजोर।

    3. भुगतान समस्याओं और निगरानी कमी से निर्माण कार्य में देरी।

    जाकिर अली, छपरा। प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की योजना सारण जिले में अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभागीय निगरानी, भुगतान संबंधी समस्याओं और निर्माण कार्यों में देरी के कारण बड़ी संख्या में आवास अब भी अधूरे हैं। हालात यह हैं कि तीसरी किस्त प्राप्त करने वाले हजारों लाभार्थी भी अपने घरों का निर्माण पूरा नहीं करा सके हैं।

    जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में जिले के 20 प्रखंडों में बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत किए गए। आठ जुलाई तक 52,149 लाभार्थियों को पहली किस्त और 43,531 लाभार्थियों को दूसरी किस्त का भुगतान किया जा चुका है। वहीं 28,162 लाभार्थियों को तीसरी किस्त भी मिल चुकी है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की रफ्तार संतोषजनक नहीं मानी जा रही है।

    जिले में अब तक 21,804 आवासों का निर्माण पूरा हुआ है, जबकि 6,358 आवास ऐसे हैं जो तीसरी किस्त मिलने के बाद भी अधूरे पड़े हैं। प्रशासन के अनुसार जिले की आवास पूर्णता दर 77.42 प्रतिशत है, लेकिन कई प्रखंडों में प्रदर्शन जिला औसत से काफी नीचे है।

    प्रखंडवार स्थिति पर नजर डालें तो मांझी सबसे कमजोर प्रखंड के रूप में सामने आया है। यहां केवल 53.47 प्रतिशत आवास ही पूर्ण हो सके हैं। 925 आवास बनकर तैयार हुए हैं, जबकि 805 अब भी अधूरे हैं। लहलादपुर में 61.75 प्रतिशत, गड़खा में 62.94 प्रतिशत, एकमा में 63.20 प्रतिशत और मशरक में 64.36 प्रतिशत आवास ही पूरे हो सके हैं। मढ़ौरा में सर्वाधिक 837 आवास अधूरे हैं।

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    वहीं छपरा में 454, बनियापुर में 443 तथा रिविलगंज, तरैया और जलालपुर में भी सैकड़ों आवास निर्माणाधीन हैं। इससे योजना की जमीनी प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं।हालांकि कुछ प्रखंडों ने बेहतर प्रदर्शन भी किया है। दरियापुर 94.13 प्रतिशत आवास पूर्णता दर के साथ जिले में पहले स्थान पर है। यहां 2,534 आवास पूरे हो चुके हैं। इसके अलावा पानापुर, सोनपुर, दिघवारा और अमनौर भी बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों में शामिल हैं।

    उप विकास आयुक्त लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि सभी प्रखंडों की नियमित समीक्षा की जा रही है तथा धीमी प्रगति वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अधूरे आवासों को जल्द पूरा कराने और लंबित मामलों के निष्पादन पर प्रशासन का विशेष फोकस है।

    प्रमुख आंकड़े

    विवरण संख्या/प्रतिशत
    कुल पूर्ण आवास 21,804
    तीसरी किस्त के बाद भी अधूरे आवास 6,358
    जिला आवास पूर्णता दर 77.42%
    पहली किस्त प्राप्त लाभार्थी 52,149
    पहली किस्त लंबित 1,766
    दूसरी किस्त प्राप्त लाभार्थी 43,531
    दूसरी किस्त लंबित/प्रक्रियाधीन 8,618
    तीसरी किस्त प्राप्त लाभार्थी 28,162

     

    विवरण जिला / संख्या
    सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दरियापुर (94.13%)
    सबसे कमजोर प्रदर्शन मांझी (53.47%)
    सर्वाधिक पूर्ण आवास दरियापुर (2,534)
    सर्वाधिक अधूरे आवास मढ़ौरा (837)
    मांझी में अधूरे आवास 805

    शीर्ष पांच प्रखंड (पूर्णता प्रतिशत)

    प्रखंड पूर्णता प्रतिशत
    दरियापुर 94.13%
    पानापुर 92.45%
    सोनपुर 89.86%
    दिघवारा 89.25%
    अमनौर 87.77%

    सबसे धीमी प्रगति वाले पांच प्रखंड

    रैंक प्रखंड पूर्णता प्रतिशत
    1 मांझी 53.47%
    2 लहलादपुर 61.75%
    3 गरखा 62.94%
    4 एकमा 63.20%
    5 मशरख 64.36%

    केस स्टडी- दूसरी किस्त नहीं मिलने से अधूरा पड़ा पीएम आवास, लाभुक परेशान

    तरैया प्रखंड की पचभिंड़ा पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी कांति देवी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की दूसरी किस्त नहीं मिलने से आवास निर्माण अधूरा रहने की शिकायत की है। उन्होंने बताया कि करीब एक वर्ष पहले पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये मिले थे।

    दूसरी किस्त मिलने की उम्मीद में उन्होंने कर्ज लेकर मकान का निर्माण लिंटर स्तर तक करा लिया, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई है। बरसात के मौसम में अधूरे मकान के कारण परिवार को परेशानी झेलनी पड़ रही है।