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    एक शिक्षक, दो नियुक्ति पत्र! सारण में मांझी के विद्यालय में प्रभार को लेकर बढ़ा सस्पेंस

    Updated: Sat, 11 Jul 2026 04:13 PM (GMT+05:30)

    सारण के मांझी प्रखंड में एक शिक्षक को अलग-अलग समय पर दो नियुक्ति पत्र मिलने से शिक्षा विभाग असमंजस में है। विद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच और स्पष्ट ...और पढ़ें

    एक शिक्षक को अलग-अलग समय पर दो नियुक्ति पत्र

    एक शिक्षक को अलग-अलग समय पर दो नियुक्ति पत्र

    HighLights

    1. शिक्षक को अलग-अलग समय पर मिले दो नियुक्ति पत्र।

    2. विद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच की मांग की।

    3. शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच की तैयारी शुरू की।

    संवाद सूत्र, मांझी (सारण)। सारण जिले के मांझी प्रखंड में एक शिक्षक को अलग-अलग समय पर जारी दो नियुक्ति पत्रों ने शिक्षा विभाग को असमंजस में डाल दिया है।

    मामला प्राथमिक विद्यालय बंगरा बीनटोली में कार्यरत प्रधान शिक्षक अनिल अनिक कुमार दास से जुड़ा है। एक ही शिक्षक के नाम पर दो नियुक्ति पत्र सामने आने के बाद विद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।

    प्रभारी प्रधानाध्यापक विद्या सिंह ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

    मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। अब इस मामले में विभागीय स्तर पर जांच की तैयारी की जा रही है।

    पहली नियुक्ति पटना जिले में, दूसरी बार मांझी में मिला पदस्थापन

    आवेदन के अनुसार अनिल कुमार दास की पहली नियुक्ति प्रथम चरण की शिक्षक बहाली प्रक्रिया के तहत हुई थी।

    उन्होंने 31 जुलाई 2025 से पटना जिले के बख्तियारपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय नौघरिया टोला, हरदासपुर दियारा में योगदान दिया था।

    बताया गया है कि वह वहां नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे थे। इसी बीच द्वितीय चरण की चयन सूची में भी उनका नाम शामिल हो गया।

    इसके बाद उन्हें नया नियुक्ति एवं पदस्थापन पत्र जारी किया गया। नए आदेश के आधार पर उन्होंने 28 अप्रैल 2026 को मांझी के विद्यालय में योगदान दे दिया।

    विद्यालय प्रशासन ने उठाए प्रक्रिया से जुड़े सवाल

    विद्यालय प्रशासन का कहना है कि जब शिक्षक पहले से सेवा में थे तो दूसरी नियुक्ति कैसे जारी की गई। प्रशासन के अनुसार इस प्रक्रिया में स्थानांतरण या अन्य औपचारिकताओं को लेकर स्पष्टता नहीं है।

    इसी वजह से विद्यालय में प्रभार सौंपने का मामला भी उलझ गया है। प्रधानाध्यापक स्तर पर यह तय नहीं हो पा रहा है कि प्रशासनिक प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई जाए।

    विद्यालय की ओर से पूरे मामले में विभागीय मार्गदर्शन मांगा गया है। साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया की वैधता की जांच की मांग भी की गई है।

    शिक्षक बोले- नियमों के अनुसार छोड़ा था पहला पद

    अनिल कुमार दास ने बताया कि उन्होंने पहली नियुक्ति के तहत करीब दस महीने तक कार्य किया था। उनके अनुसार दूसरी चयन सूची में नाम आने के बाद उन्होंने नियमानुसार पूर्व पद छोड़ दिया।

    इसके बाद नए नियुक्ति पत्र के आधार पर मांझी में योगदान किया गया। उन्होंने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया सक्षम प्राधिकारी के निर्देशों के अनुरूप हुई है।

    शिक्षक का कहना है कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। अब विभागीय जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

    बीईओ ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया आश्वासन

    प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विभा रानी ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में एक व्यक्ति को दो नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए जाते।

    उन्होंने माना कि मामला असामान्य प्रतीत हो रहा है और इसकी जांच आवश्यक है। बीईओ के अनुसार पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

    इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त किया जाएगा। उच्चाधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल शिक्षा विभाग इस मामले की जांच और तथ्य जुटाने में लगा हुआ है।

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