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    Saran News: बाढ़ से घटी गेहूं की खेती, सीमित रकबे में भी अच्छी पैदावार की उम्मीद

    Updated: Thu, 26 Mar 2026 02:41 PM (IST)

    बाढ़ और जलजमाव के कारण जलालपुर प्रखंड में गेहूं की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिससे अधिकांश निचली भूमि खाली रह गई। हालांकि, सीमित रकबे में बोई गई ...और पढ़ें

    बाढ़ से घटी गेहूं की खेती, सीमित रकबे में भी अच्छी पैदावार की उम्मीद

    बाढ़ से घटी गेहूं की खेती, सीमित रकबे में भी अच्छी पैदावार की उम्मीद

    HighLights

    1. बाढ़ से जलालपुर में गेहूं की खेती बुरी तरह प्रभावित हुई।

    2. सीमित क्षेत्र में भी गेहूं की फसल अच्छी स्थिति में है।

    3. किसानों को बेहतर पैदावार से राहत की उम्मीद है।

    नागेंद्र सिंह, जलालपुर (सारण)। इस वर्ष बाढ़ और लंबे समय तक बने जलजमाव ने जलालपुर प्रखंड में गेहूं की खेती को काफी प्रभावित किया है। रबी सीजन में जहां हर साल खेतों में हरियाली छाई रहती थी, वहां इस बार अधिकांश निचली भूमि खाली पड़ी है।

    बाढ़ का पानी समय पर नहीं उतरने के कारण हजारों हेक्टेयर चंवर और निचले इलाकों में खेती संभव नहीं हो सकी। ऐसे में किसानों को ऊंची और बलुआ जमीन तक ही बुआई सीमित करनी पड़ी।

    हालांकि, पिछले सप्ताह आई तेज आंधी और बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस क्षेत्र में खड़ी फसल को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले से परेशान किसानों ने राहत की सांस ली है।

    प्रखंड कृषि कार्यालय के अनुसार इस बार कुल कृषि योग्य भूमि के करीब 20 प्रतिशत हिस्से में ही रबी फसलों की बुआई हो सकी। किसान सलाहकार अभिषेक आनंद ने बताया कि प्रखंड के लिए 828 क्विंटल गेहूं बीज उपलब्ध कराया गया था, जिसमें से 55 क्विंटल बीज 15 पंचायतों के किसानों के बीच वितरित किया गया।

    सीमित रकबे के बावजूद इस बार गेहूं की फसल बेहतर स्थिति में है। किसानों के अनुसार अनुकूल तापमान और लगातार पड़े घने कुहासे ने फसल को मजबूती दी है। एक पौधे में 25 से अधिक कल्ले निकल रहे हैं, जो अच्छी पैदावार के संकेत हैं।

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    मंझवलिया, रेवाड़ी और सम्होता समेत विभिन्न गांवों के किसानों ने भी अच्छी उपज की उम्मीद जताई है। फिर भी किसानों की खुशी अधूरी है। कम क्षेत्र में खेती होने के कारण बाजार में बेचने लायक उत्पादन कम होने की आशंका है।

    हालांकि, परिवार के लिए सालभर का अनाज मिल जाने की उम्मीद से वे संतोष जता रहे हैं। बाढ़ की मार झेल चुके किसानों के लिए यह फसल राहत और नई उम्मीद का प्रतीक बन गई है।

    पंचायत का नाम आच्छादन (हेक्टेयर)
    रेवाड़ी 300
    अशोकनगर 362
    सम्होता 310
    किशुनपुर 365
    कोपा 350
    विशुनपुरा 366
    शंकरडीह 315
    रामपुर नूरनगर 285
    देवरिया 315
    भटकेशरी 210
    नवादा 292
    माधोपुर 398
    अनवल 382
    संवरी 325
    कुमना 315