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    सारण का सोनपुर अब हुआ नगर परिषद, 21 से बढ़कर 25 हुए वार्ड; 13 मई के बाद चुनाव का एलान संभव

    Updated: Sun, 19 Apr 2026 03:14 PM (IST)

    सारण के सोनपुर नगर पंचायत को अब नगर परिषद का दर्जा मिल गया है, जिससे वार्डों की संख्या 21 से बढ़कर 25 हो गई है। 13 मई के बाद चुनाव की घोषणा संभव है। ...और पढ़ें

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    ज़ाकिर अली, छपरा। सारण जिले के ऐतिहासिक सोनपुर क्षेत्र के लिए यह समय बदलाव का है। सोनपुर नगर पंचायत को नगर परिषद के रूप में प्रोन्नति मिल चुकी है और 13 मई के बाद किसी भी समय चुनाव की घोषणा की उम्मीद है।

    वार्डों की संख्या 21 से बढ़कर 25 हो गई है। प्रशासनिक रूप से यह विकास के लिए एक बड़ी छलांग है, लेकिन इस बदलाव का सीधा असर आम नागरिकों की जेब पर पड़ने वाला है। नगर परिषद बनते ही संपत्ति कर के आकलन का तरीका और उसकी दरें बदल जाएंगी, जिससे शहरवासियों को वित्तीय तैयारी करने की आवश्यकता है।

    नागरिकों की जेब पर बढ़ेगा टैक्स का भार

    नगर परिषद का दर्जा मिलने का अर्थ है, बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, व्यवस्थित स्ट्रीट लाइट, और सड़कें। इन सेवाओं के रख-रखाव के लिए निकाय को अधिक राजस्व की आवश्यकता होती है, जिसकी भरपाई संपत्ति कर के माध्यम से की जाती है।

    टैक्स बढ़ने का मुख्य कारण बिहार नगर पालिका अधिनियम के तहत लागू यूनिट एरिया मेथड या एनुअल रेंटल वैल्यू है। जैसे ही क्षेत्र नगर परिषद में आता है, रोड फैक्टर सड़क की चौड़ाई और मुख्य मार्ग से दूरी का मान बदल जाता है।

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    यदि आपका मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान मुख्य सड़क पर स्थित है, तो नगर पंचायत की तुलना में नगर परिषद में इसका 'मल्टीप्लाइंग फैक्टर' अधिक होगा।इसके अलावा, व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों का वर्गीकरण भी सख्त होगा, जिससे टैक्स का बोझ बढ़ना निश्चित है।

    बदली हुई व्यवस्था और वार्डों का नया समीकरण

    सोनपुर में अब कुल 25 वार्ड हो गए हैं। परिसीमन के बाद वार्डों की सीमाओं में बदलाव हुआ है। ऐसे में कई पुरानी संपत्तियों का असेसमेंट नए सिरे से होगा। स्थानीय निवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि क्या उनका मकान अब रेसिडेंशियल या आवासीय जोन में है या कमर्शियल यानी व्यावसायिक जोन में।

    प्रशासनिक तौर पर अब अधिकारी हर संपत्ति का नए सिरे से आकलन करेंगे, जिससे करदाताओं को अपनी पुरानी होल्डिंग आईडी और नए वार्ड विवरण का मिलान करना होगा।

    क्या करें जागरूक नागरिक

    विकास की इस प्रक्रिया में कर का भुगतान एक अनिवार्य नागरिक जिम्मेदारी है। हालांकि, किसी भी विसंगति से बचने के लिए निवासियों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:-

    • होल्डिंग आईडी अपडेट कराएं: नए वार्ड गठन के बाद अपनी होल्डिंग आईडी को नगर परिषद कार्यालय से अपडेट करवाएं ताकि भुगतान में तकनीकी बाधा न आए।
    • टैक्स स्लैब की जानकारी: नगर निकाय के आधिकारिक वेब पोर्टल पर जाकर नए टैक्स कैलकुलेटर का उपयोग करें।

    सोनपुर के निवासियों को अब न केवल एक नई सरकार चुनने की तैयारी करनी है, बल्कि एक नई कर संरचना के लिए भी मानसिक और वित्तीय रूप से तैयार रहना होगा।

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