तेज आंधी में टूटा बसडीला रेलवे फाटक, छपरा–सिवान रेल रूट पर हाथ से चल रहा गेट; कभी भी हो सकता है खतरा
सारण जिले के जलालपुर में तेज तूफान से बसडीला रेलवे क्रॉसिंग का फाटक क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे छपरा-सिवान रेलखंड पर यातायात प्रभावित हुआ। फिलहाल गेट का ...और पढ़ें

छपरा–सिवान रेलखंड पर मैनुअल संचालन शुरू
HighLights
जलालपुर में तेज तूफान से बसडीला रेलवे फाटक टूटा।
छपरा-सिवान रेल रूट पर यातायात बाधित हुआ।
क्षतिग्रस्त फाटक का संचालन अब हाथ से किया जा रहा है।
संवाद सहयोगी, जलालपुर (सारण)। सारण जिले के जलालपुर क्षेत्र में बुधवार रात आए तेज तूफान ने छपरा–सिवान रेलखंड पर बड़ा असर डाला। कोपा–सम्होता स्टेशन के बीच स्थित बसडीला के पास 57 ए/ई-2 रेलवे क्रॉसिंग का फाटक क्षतिग्रस्त हो गया।
तेज आंधी, मूसलधार बारिश और बिजली कड़कने के बीच यह हादसा रात करीब 9 बजे हुआ, जिससे स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
फाटक टूटने के बाद रेल और सड़क यातायात को प्रभावित होने से बचाने के लिए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की गई।
तेज आंधी में टूटा रेलवे फाटक
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक मौसम बिगड़ा और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गई।
इसी दौरान रेलवे फाटक का दक्षिणी हिस्सा तेज झोंके को सह नहीं सका और पाइप टूट गया।
टूटने के बाद तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घबरा गए।
घटना के समय खुला था फाटक
गेटमैन श्याम प्रकाश कुमार ने बताया कि हादसे के समय फाटक खुला हुआ था और दोनों पाइप ऊपर की स्थिति में थे।
तेज आंधी के चलते दक्षिणी हिस्सा टूट गया और पूरा सिस्टम प्रभावित हो गया।
उस समय लगातार बारिश और बिजली गिरने से स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
पहले से कमजोर था फाटक?
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह फाटक पहले से ही जोड़ पर ढीला था और हवा चलने पर हिलता रहता था।
लोगों का कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं होने के कारण यह हादसा हुआ।
यदि पहले सुधार किया जाता तो इस तरह की स्थिति से बचा जा सकता था।
मैनुअल व्यवस्था से चल रहा संचालन
फाटक क्षतिग्रस्त होने के बाद रेलवे ने तुरंत मैनुअल संचालन शुरू कर दिया है।
अब गेट को हाथ से उठाया और गिराया जा रहा है ताकि यातायात बाधित न हो।
रेलवे ने घटना की सूचना संबंधित स्टेशन को मेमो के जरिए भेज दी है।
मरम्मत की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद
रेलवे विभाग द्वारा जल्द ही फाटक की मरम्मत कार्य शुरू किए जाने की संभावना है।
स्थानीय लोगों ने स्थायी समाधान की मांग करते हुए भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचने की अपील की है।
फिलहाल रेलवे और सड़क यातायात को सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है।