बिहार में बाढ़ का खतरा, शिवहर में लाल निशान के करीब पहुंची बागमती, कई इलाकों में कटाव तेज
Bagmati River Water Level: नेपाल में भारी बारिश के कारण शिवहर में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडरा रह ...और पढ़ें

बागमती नदी के जलस्तर में अचानक उफान आ गया। फोटो: जागरण
HighLights
बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे।
पिपराही पुल और निर्माणाधीन शवदाह गृह पर कटाव का संकट।
जिला प्रशासन ने फ्लड फाइटिंग टीमों को अलर्ट पर रखा।
जागरण संवाददाता, शिवहर। Bagmati River Water Level: नेपाल के जल अधिग्रहण क्षेत्रों (कैचमेंट एरिया) सहित स्थानीय सीमावर्ती इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण शिवहर जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है।
सोमवार को बागमती नदी के जलस्तर में अचानक भारी उफान आ गया। लगातार तीसरे दिन नदी के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे पानी अब खतरे के निशान (लाल निशान) के बेहद करीब पहुंच गया है।
इस सीजन में यह बागमती नदी का उच्चतम जलस्तर है। नदी की तेज धाराओं के कारण तटवर्ती इलाकों में भीषण कटाव शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
महज 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार की शाम शिवहर के डुब्बाघाट स्थित गेज पर बागमती नदी का जलस्तर 59 सेंटीमीटर की ताजा बढ़ोतरी के साथ 60.78 मीटर दर्ज किया गया।
वर्तमान में नदी यहां खतरे के निशान (61.28 मीटर) से महज 50 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। यह इस साल मानसून सीजन का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
इससे पहले बीते 23 जून को नदी का अधिकतम जलस्तर 60.36 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। नदी के उफान को देखते हुए निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इन गांवों में जबरदस्त कटाव
बागमती नदी की उफनती धाराओं ने अब मैदानी इलाकों की ओर रुख कर लिया है। नदी का पानी तटबंधों के भीतर और कई निचले रिहायशी इलाकों की ओर तेजी से फैल रहा है। इस बाढ़ के पानी के साथ ही:
पिपराही, डुब्बाघाट, बराही जगदीश, अदौरी और मोतनाजे जैसे संवेदनशील इलाकों में जबरदस्त भू-कटाव शुरू हो गया है।
कटाव की वजह से तटवर्ती किसानों के उपजाऊ खेत और खड़ी फसलें तेजी से नदी की गोद में समाती जा रही हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर तटबंधों में 'रेनकट' (मिट्टी का धंसना) उत्पन्न हो गए हैं, जिससे बांध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण बेहद चिंतित हैं।
पिपराही पुल और शवदाह गृह पर संकट
इस बाढ़ और कटाव का सबसे गंभीर असर जिले के बुनियादी ढांचे पर पड़ता दिख रहा है। सोमवार को पिपराही स्थित बागमती नदी के मुख्य पुल के पिलर संख्या एक के पास भीषण कटाव जारी रहा।
इसके अलावा डुब्बाघाट में करोड़ों की लागत से बन रहे निर्माणाधीन आधुनिक शवदाह गृह के समीप भी मिट्टी तेजी से कट रही है, जिससे इसके वजूद पर ही संकट खड़ा हो गया है।
पिपराही को पुरनहिया प्रखंड सहित शिवहर जिला मुख्यालय, पूर्वी चंपारण और मुजफ्फरपुर से जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर स्थित यह पिपराही पुल केवल आवागमन का जरिया नहीं, बल्कि इस पूरे इलाके की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है।
जून 2012 में लगभग 52 करोड़ रुपये की भारी लागत से इस 600 मीटर लंबे पुल का निर्माण कर इसे आम जनता को समर्पित किया गया था। लेकिन समय पर उचित रख-रखाव और सुरक्षात्मक कार्य न होने के कारण आज यह पुल सीधे नदी के कटाव की जद में है।
आंकड़ों के मुताबिक, पिपराही में लगातार हो रहे कटाव के चलते पिछले 5 वर्षों के भीतर बागमती नदी की मुख्य धारा पुल से करीब 40 मीटर दूर खिसक गई है।
फ्लड फाइटिंग टीमें अलर्ट मोड पर
बाढ़ और भीषण कटाव की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए शिवहर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जिलाधिकारी प्रतिभा रानी के कड़े निर्देश के बाद जिला आपदा प्रबंधन शाखा और बागमती प्रमंडल की तकनीकी टीमें 24 घंटे अलर्ट और एक्शन मोड में काम कर रही हैं।
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कटाव प्रभावित संवेदनशील स्थलों पर बागमती प्रमंडल द्वारा फ्लड फाइटिंग के तहत सैंड बैग और जियो बैग डालकर सुरक्षात्मक व तटबंध सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। इंजीनियर्स की टीमें लगातार नदी की लहरों और जलस्तर की पल-पल की निगरानी कर रही हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।